106 दिन बाद तिहाड़ से बाहर आएंगे चिदंबरम, INX मीडिया केस में सुप्रीम कोर्ट ने दी जमानत

प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से दर्ज मामले में दिल्‍ली हाई कोर्ट ने चिदंबरम की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी. इसके बाद उन्‍होंने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई.

INX मीडिया मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है. जस्टिस आर भानुमती, जस्टिस एएस बोपन्‍ना और जस्टिस ऋषिकेश रॉय की बेंच ने यह फैसला सुनाया. अदालत ने 2 लाख रुपये का निजी मुचलका भरने को कहा है. चिदंबरम 100 से ज्‍यादा दिन से तिहाड़ जेल में बंद हैं.

कोर्ट ने ताकीद की है कि जमानत पर बाहर रहने के दौरान चिदंबरम कोई इंटरव्‍यू नहीं देंगे. वह मामले से जुड़ी बयानबाजी भी नहीं कर सकेंगे. पूर्व केंद्रीय मंत्री को सबूतों से छेड़छाड़ करने और गवाहों को प्रभावित करने के प्रति भी चेताया गया है.

सुप्रीम कोर्ट ने चिंदबरम को जमानत दिए जाने के आदेश में कहा कि चिंदबरम अब सत्ता में नहीं है. न ही सरकार में कोई ऐसे पद पर हैं जिसके जरिये वो जांच में दखल देने की स्थिति में हो. सिर्फ़ ‘फेस वैल्यू’ के आधार पर उनके खिलाफ ऐसे आरोप स्वीकार नहीं किये जा सकते.

कोर्ट ने कहा कि अगर किसी गवाह ने चिंदबरम का सामना करने में असमर्थता जताई है, तो इसके लिये चिंदबरम को ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. खासतौर पर तब, जबकि चिंदबरम या उनकी ओर से किसी और के, गवाहों को धमकाने के आरोप साबित करने के लिए कोई पुख्ता सबूत नहीं हैं.

चिदंबरम 106 दिन बाद जेल से बाहर आएंगे. उनके बेटे कार्ति चिदंबरम ने भी इस मौके पर ट्वीट किया है.

28 नवंबर को सुनवाई के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था. प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से दर्ज इस मामले में दिल्‍ली हाई कोर्ट ने चिदंबरम की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी. इसके बाद उन्‍होंने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई थी.

पिछली सुनवाई में क्‍या हुआ था?

सुनवाई के दौरान मेहता ने दावा किया था कि पूर्व वित्त मंत्री हिरासत में होने के बावजूद महत्वपूर्ण गवाहों पर अपना प्रभाव रखते हैं. पूर्व वित्त मंत्री का कहना था कि जांच एजेंसी इस तरह के निराधार आरोप लगाकर उनकी प्रतिष्ठा और करियर बर्बाद नहीं कर सकती है.

मेहता का कहना था कि जांच के दौरान निदेशालय ने 12 बैंक खातों की पहचान की है जिनमें इस अपराध से मिली रकम जमा की गई और एजेंसी के पास ऐसी 12 संपत्तियों का भी ब्योरा है जिन्हें कई दूसरे देशों में खरीदा गया है.

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 22 अक्टूबर को INX मीडिया केस में पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को जमानत दी थी. जबकि 18 अक्टूबर को इस मामले में CBI ने पूर्व वित्त मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पी चिदंबरम, उनके बेटे कार्ति चिदंबरम और उनकी दो कंपनियों समेत कुल 15 लोगों के खिलाफ शुक्रवार को चार्जशीट दायर की थी.

सीबीआई (CBI) ने जमानत न देने की सिफारिश की थी. इस दौरान सीबीआई (CBI) ने सुप्रीम कोर्ट से यह भी कहा था कि इस मामले में भ्रष्टाचार की जांच जारी है. लिहाजा पी. चिदंबरम को अभी जमानत न दी जाए.

CBI ने जो जमानत याचिका दायर की थी उसमें दावा किया गया था कि इंद्राणी मुखर्जी (Indrani Mukerjea) ने पी चिदंबरम को रिश्वत के तौर पर 35.5 करोड़ रुपये से ज्यादा दिए. ये पैसे सिंगापुर, मॉरीशस, बरमूदा, इंग्लैंड और स्विटजरलैंड में दिए गए. ये आरोप पत्र विशेष न्यायाधीश लाल सिंह के समक्ष दायर किया गया.

क्या है पूरा मामला

याद रहे कि 15 मई, 2017 को ईडी (ED) ने ये मामला दर्ज किया था. ईडी के द्वारा दर्ज केस में आईएनएक्स मीडिया पीवीटी लिमिटेड ने 4.62 करोड़ रुपये की स्वीकृत FDI राशि के मुकाबले लगभग 403.07 करोड़ रुपये का विदेशी निवेश प्राप्त किए थे. जांच के दौरान पाया गया कि INX Media Pvt Ltd के निदेशक इंद्राणी मुखर्जी और पीटर मुखर्जी, पी चिदंबरम, तत्कालीन वित्त मंत्री और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम सहित कई अधिकारी इसमें शामिल थे.

अगस्त में हुए थे गिरफ्तार

UPA सरकार के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री भी रह चुके चिदंबरम को 21 अगस्त को जोर बाग स्थित उनके निवास से CBI ने गिरफ्तार कर लिया था. CBI ने 15 मई 2017 को एक प्राथमिकी दर्ज कर INX Media Group को 2007 में 305 करोड़ रुपये की विदेशी निधि प्राप्त करने के लिए दी गई विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (Foreign Investment Promotion Board) की मंजूरी में अनियमितता का आरोप लगाया था. उस वक्त चिदंबरम वित्त मंत्री थे.

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