देश, देश की सुरक्षा 1984 बैच के इन IPS ऑफिसर्स के हवाले
देश, देश की सुरक्षा 1984 बैच के इन IPS ऑफिसर्स के हवाले

देश की सुरक्षा 1984 बैच के इन IPS ऑफिसर्स के हवाले

मोदी सरकार ने 1984 बैच के आईपीएस अधिकारियों को 8 सुरक्षा एजेंसियों का जिम्‍मा दे रखा है.
देश, देश की सुरक्षा 1984 बैच के इन IPS ऑफिसर्स के हवाले

नई दिल्‍ली: देश की सुरक्षा की जिम्‍मेदारी अब 1984 बैच के आईपीएस अधिकारियों पर है. केंद्र सरकार ने 26 जून को इंटेलिजेंस ब्‍यूरो (IB) और रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) की कमान इसी बैच के ऑफिसर्स को दी है.

इन दो के अलावा छह और एजेंसियों- BSF, NIA, CISF, NSG, ITBP और ब्‍यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्‍योरिटी का जिम्‍मा भी 1984 बैच के IPS अधिकारियों के पास है. जिन अधिकारियों को प्रमोशन मिला है, उनमें से अधिकतर को जून 2017 में DGP, केंद्र में DGP या DGP के बराबर रैंक दी गई थी.

सितंबर 2017 में असम-मेघालय कैडर के IPS अधिकारी वाईसी मोदी को नेशनल इनवेस्टिगेशन एजंसी (NIA) का चीफ बनाया गया था. मोदी 31 मई, 2021 तक इस पद पर बने रहेंगे. उन्‍होंने करीब 10 साल सीबीआई के साथ काम किया है. इसके अलावा वह असम और मेघालय में कई पदों पर तैनात रहे हैं. 2008 में उन्‍हें राष्‍ट्रपति के हाथों पुलिस मेडल भी मिला था.

जनवरी 2018 में तेलंगाना कैडर के सुदीप लखटकिया को NSG का महानिदेशक नियुक्‍त किया गया. लखटकिया इस पद पर अगले साल जुलाई तक बने रहेंगे. NSG को आतंकी हमलों और विमान अपहरण जैसी घटनाओं से निपटने के लिए बनाया गया था.

तीन महीने बाद 1984 बैच के एक और अधिकारी, बिहार कैडर के राजेश रंजन को सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्‍योरिटी फोर्स (CISF) का जिम्‍मा दिया गया. रंजन इससे पहले BSF में स्‍पेशल डीजी हुआ करते थे. रंजन देश के कई वीवीआईपी केस हैंडल कर चुके हैं. उनकी जांच के आधार पर ही कथित तांत्रिक चंद्रास्वामी को गिरफ्तार किया गया था. इसके अलावा राकेश रंजन ने चंढ़ीगढ़ के चर्चित रुचिका गिरोत्रा छेड़छाड़ मामले की भी पड़ताल की. राकेश रंजन इंटरपोल में सबसे ज्‍यादा समय तक तैनात रहने वाले भारतीय पुलिस अधिकारी हैं. वह इंटरपोल में 5 साल रहे.

देश, देश की सुरक्षा 1984 बैच के इन IPS ऑफिसर्स के हवाले

इसके बाद, उत्‍तर प्रदेश कैडर के IPS अधिकारी रजनीकांत मिश्रा को BSF का प्रमुख बना दिया गया. अपने शुरुआती दिनों में वह लखनऊ, इलाहाबाद, कानपुर, देहरादून जैसे जिलों में तैनात रहे. इसके अलावा पीएसी, इंटेलिजेंस और ट्रेनिंग से जुड़ी एजेंसियों में भी मिश्रा की तैनाती रही है.

अक्‍टूबर 2018 में हरियाणा कैडर के एसएस देसवाल को इंडो-तिब्‍बतन बॉर्डर पुलिस (ITBP) की कमान दी गई. देसवाल इससे पहले SSB के प्रमुख थे. देसवाल हरियाणा के कई जिलों जैसे- रोहतक, फतेहाबाद और भिवानी में तैनात रहे हैं. उन्‍होंने 2012 में अपनी सेवाओं के लिए राष्‍ट्रपति के हाथों पुलिस मेडल हासिल किया.

26 जून 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब कैडर के सामंत गोयल को देश की खुफिया एजंसी RAW का प्रमुख बनाया. जम्मू-कश्मीर में पुलवामा आतंकी हमले के बाद फरवरी में पाकिस्तान स्थित बालाकोट में एयर स्ट्राइक की योजना बनाने में गोयल ने अहम भूमिका निभाई थी. वह उरी आतंकी हमले के बाद 2016 में सर्जिकल स्ट्राइक की योजना में भी सहायक थे.

गोयल के बैचमेट और असम-मेघायल कैडर के अरविंद कुमार को IB का निदेशक नियुक्‍त किया गया. कुमार को कश्‍मीर का एक्‍सपर्ट माना जाता है. वह काउंटर-टेररिज्‍म ऑपरेशंस के स्‍पेशलिस्‍ट हैं और कश्‍मीर में IB के स्‍पेशल डायरेक्‍टर रहे हैं.

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