तेल आयात पर अमेरिकी प्रतिबंधों से कैसे निपटें? दिल्‍ली में ईरानी विदेश मंत्री ने सुषमा से की मुलाकात

अमेरिकी दबाव के बाद भारत ने ईरान से तेल आयात में तगड़ी कटौती की थी. भारत ने कहा है कि वह ईरान से तेल आयात बंद होने से पड़ने वाले प्रभाव से निपटने को तैयार है.

नई दिल्‍ली: ईरान के विदेश मंत्री मोहम्‍मद जवाद जरीफ सोमवार (13 मई) देर रात भारत पहुंचे. मंगलवार को उन्‍होंने अपनी समकक्ष सुषमा स्‍वराज से मुलाकात की. जरीफ की यह यात्रा डोनाल्‍ड ट्रंप के उस फैसले के तीन हफ्ते बाद शुरू हो रही है, जिसके जरिए अमेरिका ने ईरान के तेल ग्राहकों को प्रतिबंध से छूट खत्‍म कर दी है. इस छूट के खत्‍म होने का मतलब है कि भारत अब ईरान की सरकारी या निजी कंपनियों से तेल आयात नहीं कर सकता, वर्ना उसे अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा.

मुलाकात में दोनों विदेश मंत्री अमेरिकी फैसले के प्रभाव और उससे निपटने के तरीके पर विचार कर सकते हैं. इसके अलावा जरीफ और स्‍वराज के बीच चाबहार प्रोजेक्‍ट के भविष्‍य पर भी चर्चा हो सकती है क्‍योंकि ट्रंप प्रशासन ने आश्‍वासन दिया है कि चाबहार पर छूट जारी रहेगी.

बताया जाता है कि ईरानी तेल के आयात का मुद्दा पिछले सप्‍ताह अमेरिकी वाणिज्‍य सचिव विलबर रॉस के सामने उठाया गया था, मगर अमेरिका के रुख में खास नरमी नहीं दिखी. माना जा रहा है कि जरीफ भारतीय मंत्री यह बताएंगे कि समझौता खत्‍म होने के लघु और दीर्घकालीन परिणाम क्‍या होंगे. जरीफ इस साल दूसरी बार भारत आए हैं. इससे पहले, वह जनवरी में भारत के दौरे पर आए थे.

अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने मई 2018 में ईरान के लिए अपनी नीति का ऐलान किया था. सभी देशों को नवंबर तक का समय दिया गया था कि वे ईरान से तेल आयात को पूरी तरह बंद कर दें. नवंबर 2018 में भारत समेत 8 देशों को इस शर्त से छूट दी गई. मगर 22 अप्रैल 2019 को अमेरिका ने कहा कि 1 मई से किसी भी देश को ऐसी छूट नहीं मिलेगी. भारत, ईरानी तेल का दूसरा सबसे बड़ा आयातक देश है.

कहां से सबसे ज्‍यादा तेल आयात करता है भारत?

भारत कच्‍चे तेल की जरूरतों का करीब 82 फीसदी आयात करता है. भारत जिन तीन देशों से सबसे ज्‍यादा कच्‍चे तेल का आयात करता है, उनमें ईराक, सऊदी अरब और ईरान शामिल हैं. भारत ने 2018 में ईराक से 23 बिलियन डॉलर मूल्‍य का कच्‍चा तेल खरीदा. इसके बाद सऊदी अरब का नंबर आता है, जहां से 21.2 बिलियन डॉलर के कच्‍चे तेल का आयात किया गया. ईरान से 2018 में सिर्फ 13 बिलियन डॉलर का तेल आयात हुआ. 2010-11 तक ईरान, भारत के लिए कच्‍चे तेल का दूसरा सबसे बड़ा सप्‍लायर था, मगर उसके बाद पश्चिमी देशों के प्रतिबंध के चलते आयात कम होता गया.

ईरान से कितना तेल आयात करता है भारत?

ईरान ने अप्रैल 2019 में भारत को प्रतिदिन 277,600 बैरल तेल का निर्यात किया था. यह पिछले महीने के मुकाबले 31.5 फीसदी कम था. इस साल की बात करें तो जनवरी-अप्रैल 2019 के बीच भारत ने ईरान से करीब 3,04,500 बैरल प्रति दिन का आयात किया.

ईरान से तेल खरीदना भारत के लिए क्‍यों फायदेमंद

भारत को ईरान से तेल आयात करने पर सबसे बड़ा फायदा यह है कि उसे भुगतान के लिए 60 दिन का समय मिलता है. आमतौर पर यह समय 30 दिन होता है. भारत को लागत मूल्‍य पर कच्‍चा तेल मिलता है. साथ ही बीमा और भाड़े का खर्च भी नहीं चुकाना पड़ता. भारत, ईरान के बीच तेल खरीदने को रुपये में भुगतान करता है.

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