सुप्रीम कोर्ट लिखकर दे गिरफ्तारी नहीं होगी, तभी भारत आऊंगा : जाकिर नाइक

विवादित इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाईक ने भारतीय जांच एजेंसियों पर निशाना साधा है. उसका कहना है कि जब आतंकवाद के संबंध में सबूत नहीं मिले तो अब उसे मनी लॉन्ड्रिंग में फंसाया जा रहा है.

नई दिल्ली: भारत में आतंकी गतिविधियां उकसाने और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक ने कहा है कि भारतीय जांच एजेंसियां उसे बिना ट्रायल, बिना सुनवाई जेल में डालना चाहती हैं. जाकिर नाइक ने एक बयान जारी कर कहा है कि भारत की जांच एजेंसियां इतनी उतावली क्यों है? क्या वे अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए ऐसा कर रही हैं.

जाकिर नाइक ने कहा है कि निश्चित रूप से इससे न्याय नहीं मिलने वाला है. ये बेचैनी शर्मनाक है और ये दिखाता है कि मुझे जेल में डालने के लिए वे अलग-अलग तलाश कर रहे हैं. इनमें आतंक से लेकर मनी लॉन्ड्रिंग तक के आरोप शामिल है. भारतीय जांच एजेंसियां मुझे जेल में डालने के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं.

बता दें कि सोमवार को मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने जाकिर नाइक को लेकर कहा है कि मलेशिया के पास यह अधिकार है कि अगर जाकिर नाइक के साथ न्यायसंगत व्यवहार नहीं होता है तो मलेशिया के पास यह अधिकार है कि वह जाकिर नाइक का प्रत्यर्पण न करे. पीएम महातिर मोहम्मद के इस बयान के बाद जाकिर नाईक का ये बयान आया है.

जाकिर नाइक ने कहा है कि उसे भारतीय न्यायपालिका पर भरोसा तो है, लेकिन न्यायिक प्रक्रिया पर विश्वास नहीं है. अगर भारत का सुप्रीम कोर्ट उसे लिखित में देता है कि भारत आने पर उसे गिरफ्तार नहीं किया जाएगा तो वह आज ही भारत लौटने को तैयार है.

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