मलेशिया की सख्ती पर झुका जाकिर नाइक, नस्लीय टिप्पणी पर मांगी माफी

हिंदुओं और चीनियों को लेकर की गई भड़काऊ टिप्पणी पर जाकिर नाइक ने माफी मांग ली है. जाकिर नाइक को मलेशिया से निष्कासित करने की मांग तेज होने लगी थी.

नई दिल्ली: इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक ने नस्लीय टिप्पणी को लेकर माफी मांगी है. विवादित बयान की वजह से जाकिर नाइक को मलेशिया से निष्कासित करने की मांग तेज होने लगी थी.

हिंदुओं और चीनियों को लेकर की गई भड़काऊ टिप्पणी पर जाकिर नाइक ने माफी मांग ली है. आपको बता दें कि मलयेशिया पुलिस ने उसकी हरकत को देखते हुए सार्वजनिक रूप से उसके उपदेश देने पर रोक लगा दी है.

दरअसल,मलेशिया में व्यापक स्तर पर मांग उठने लगी थी कि जाकिर को भारत भेज देना चाहिए, जहां से 2016 में भागकर उसने वहां स्थायी निवास का दर्जा ले रखा है.

नाइक ने मंगलवार को कहा कि उसके विरोधियों ने उसके बयान को संदर्भ से परे लिया है. उसने कहा, ”मेरा इरादा कभी किसी व्यक्ति या समुदाय को आहत करना नहीं था. उसने कहा, ”यह इस्लाम के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है और इस गलतफहमी के लिए मैं दिल से माफी मांगता हूं.”

मालूम हो कि जाकिर नाईक भारत में वॉन्टेड है. जाकिर नाईक पर मनी लॉन्ड्रिंग के मामले चल रहे हैं. उस पर आतंकी गतिविधियों और भाषण के जरिए नफरत फैलाने का आरोप है. 2016 में जाकिर नाईक भारत छोड़कर मलेशिया आ गया था. यहां की सरकार ने उसे स्थायी तौर पर रहने की अनुमति दे दी है.

मलेशिया की समाचार एजेंसी बेरनामा के मुताबिक प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने कहा है कि नाईक ने सारी हदें लांघ दीं और कैबिनेट के कई मंत्रियों ने उसे बाहर निकालने की अपील की है. इस बीच मलेशिया पुलिस ने उसके देश में भाषण देने पर रोक लगा दी है.

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