ISRO ने लॉन्च किया डिफेंस सैटेलाइट RISAT-2BR1, दुश्मन पर रखेगा पैनी नजर

डिफेंस सैटेलाइट RISAT-2BR1 की लॉन्चिंग के साथ ही ISRO के नाम एक नया रिकॉर्ड दर्ज हो गया है, जिसके मुताबिक ISRO ने 20 सालों में 33 देशों के 319 उपग्रह छोड़े हैं.

चेन्नई: अंतरिक्ष में भारत को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. सतीश धवन सेंटर से RISAT-2BR1 सफलता पूर्वक लॉन्च किया गया है. इसे पृथ्वी की कक्षा से 576 किमी. ऊपर स्थापित किया जाएगा. सैटेलाइट को स्थापित होने में 21 मिनट का समय लगेगा. स्थापित होने के फौरन बाद उपग्रह काम करना शुरू कर देगा.

पीएसएलवी सी-48 उपग्रह बुधवार की शाम आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित अंतरिक्ष केंद्र के लांचिंग पैड से दोपहर 3.25 बजे लॉन्च किया गया. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने रीसेट-2बीआर1 को रडार इमेजिंग पृथ्वी निगरानी उपग्रह के रूप में लगभग 628 किलो वजनी बताया.

भारतीय उपग्रह को 576 कि. मी. कक्षा में रखा जाएगा और इसकी उम्र पांच साल होगी. यह भारतीय उपग्रह अपने साथ नौ छोटे उपग्रहों को ले गया है. इनमें इजराइल, इटली, जापान का एक-एक और अमेरिका के छह उपग्रह शामिल हैं.

इन विदेशी उपग्रहों को न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) के साथ एक वाणिज्यिक व्यवस्था के तहत लॉन्च किया गया है. इसरो के अनुसार, उपग्रहों को पीएलएलवी-क्यूएल वैरिएंट द्वारा ले जाया गया है. रॉकेट में चार स्ट्रैप-ऑन मोटर्स हैं और 11 दिसंबर की उड़ान इस रॉकेट संस्करण के लिए दूसरी अंतरिक्ष यात्रा है.

इसरो ने अब तक 310 विदेशी उपग्रहों को कक्षा में प्रवेश कराया और आज के सफल मिशन के बाद ये संख्या 319 हो गई है. इसके साथ ही ISRO के नाम एक नया रिकॉर्ड दर्ज हो गया है, जिसके मुताबिक ISRO ने 20 सालों में 33 देशों के 319 उपग्रह छोड़े हैं.

RISAT-2BR1 में लगे खास सेंसरों के चलते सीमापार आतंकियों के जमावड़े की भी सूचना पहले ही मिल जाएगी. साथ ही सीमापार की गतिविधियों का विश्लेषण भी आसान हो जाएगा. 22 मई को लांच की गई आरआईसैट-2बी पहले से ही देश की खुफिया आंख के तौर पर निगरानी का काम कर रही है.