चांद की चौथी कक्षा में पहुंचा चंद्रयान-2, जल्द करेगा चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग

1 सितंबर को शाम 6 से 7 बजे तक चंद्रयान-2 चांद की पांचवीं कक्षा में पहुंचाया जाएगा.

चंद्रयान-2 को 30 अगस्त को बड़ी सफलता हासिल हुई, अब ये चंद्रमा के और भी करीब पहुंच गया है. चंद्रयान चंद्रमा की चौथी कक्षा में पहुंच गया है.  भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के वैज्ञानिकों के मुताबिक 30 अगस्त 2019 को शाम 6 बजकर 18 मिनट पर चंद्रयान-2 चंद्रमा की चौथी कक्षा में प्रवेश कर गया.

चंद्रयान-2 चंद्रमा के चारों ओर 126 किमी की एपोजी (चांद से सबसे कम दूरी) और 164 किमी की पेरीजी (चांद से ज्यादा दूरी) में परिक्रमा करेगा. लगभग 2 दिनों तक चंद्रयान-2 इसी ऑर्बिट में चांद के इर्द-गिर्द घूमता रहेगा. इसके बाद 1 सितंबर को शाम 6 से 7 बजे तक चंद्रयान-2 चांद की पांचवीं कक्षा में पहुंचाया जाएगा. उस दौरान यह चांद के चारों ओर 114 किमी की एपोजी और 128 किमी की पेरीजी में घूमेगा.

चंद्रयान-2, 7 सितंबर को अपने पूर्वज चंद्रयान-1 से आगे निकल जाएगा. चंद्रयान-1 ऑर्बिटर 100 किमी की कक्षा में चांद के चारों तरफ चक्कर लगाता था.

इससे पहले ISRO) ने सोमवार को चंद्रयान-2 अंतरिक्ष यान के टेरेन मैपिंग कैमरा-2 द्वारा चंद्रमा की सतह और उसके क्रेटर्स (गड्ढों) की तस्वीरों का एक नया सेट जारी किया. ISRO के अनुसार, इन तस्वीरों को 23 अगस्त को करीब 4,375 किलोमीटर की ऊंचाई से लिया गया, जिसमें जैक्सन, मित्रा, माच और कोरोलेव जैसे क्रेटर्स दिखाई दे रहे हैं.

बता दें कि यह भारत का अब तक का सबसे महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष अभियान है. गत 22 जुलाई को प्रक्षेपण यान GSLV मार्क।।।-एम 1 के जरिए प्रक्षेपित किए गए चंद्रयान-2 ने गत 14 अगस्त को पृथ्वी की कक्षा से निकलकर चंद्र पथ पर आगे बढ़ना शुरू किया था. यदि यह अभियान सफल रहा तो रूस, अमेरिका और चीन के बाद भारत चंद्रमा की सतह पर रोवर पहुंचाने वाला चौथा देश बन जाएगा.

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