चेन्‍नई के लड़के से पहले ही हमने ढूंढ लिया था चंद्रयान-2 का विक्रम लैंडर : ISRO

ISRO के इस बयान ने चेन्‍नई के शनमुगा सुब्रमण्यन के दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसे NASA ने लैंडर ढूंढ़ने का क्रेडिट दिया था.

चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर को ISRO ने पहले ही खोज लिया था. एजेंसी ने अपनी वेबसाइट पर 10 सितंबर को एक पोस्‍ट में ऐसा लिखा है. एजेंसी के इस बयान ने चेन्‍नई के शनमुगा सुब्रमण्यन के दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसे NASA ने लैंडर ढूंढ़ने का क्रेडिट दिया था.

ISRO की साइंटिफिक सेक्रेट्री उमा महेश्‍वरन ने कहा, “ISRO ने पहले ही विक्रम को ढूंढ लिया था. हमने लैंडिंग डेट के तीन बाद ही वेबसाइट पर घोषित कर दिया था कि ‘विक्रम मिल गया है.’ वेबसाइट पर लिखा है, “चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर ने विक्रम लैंड को लोकेट कर लिया है, लेकिन कोई कम्‍युनिकेशन नहीं हो पाया है.”

सुब्रमण्यन का पेशा इंफॉर्मेशन टेक्‍नोलॉजी आर्किटेक्‍ट का है. उन्होंने अपने खाली समय में 17 सितंबर को NASA के लूनर रेकॉन्सेन्स ऑर्बिटर (LRO) कैमरे द्वारा ली गई तस्वीरों को देखा जिसमें उन्हें विक्रम का मलबा दिखाई दिया.

NASA ने कहा था कि पहली धुंधली तस्वीर दुर्घटनास्थल की हो सकती है, जो LRO द्वारा 17 सितंबर को ली गई तस्वीरों से बनाई गई है. कई लोगों ने विक्रम के बारे में जानने के लिए इस तस्वीर को डाउनलोड किया. LRO टीम के प्रमुख को सुब्रमण्यन का ईमेल मिला और विक्रम के दुर्घटनास्थल को तलाशने में इसकी सहायता ली गई.

लैंडर विक्रम को ISRO ने चंद्रयान-2 के माध्यम से अंतरिक्ष भेजा था. चंद्रमा की सतह की खोज करने की उम्मीद में विक्रम को चंद्रयान से 6 सितंबर को चांद की एक सुरक्षित जगह पर उतरने के लिए भेजा गया. लैंडर से हालांकि सतह पर उतरने से कुछ दूरी पहले ही संपर्क टूट गया और यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया था.

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