लूनर ऑर्बिट में चंद्रयान-2 की सक्‍सेसफुल एंट्री, ISRO चीफ बोले- आखिरी 30 मिनट थे बेहद मुश्किल

यह भारत का अब तक का सबसे महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष अभियान है. अभियान सफल रहा तो रूस, अमेरिका और चीन के बाद भारत चंद्रमा की सतह पर रोवर पहुंचाने वाला चौथा देश बन जाएगा.

भारत के चंद्र मिशन-2 यानी चंद्रयान-2 ने आज अहम पड़ाव पार कर लिया. इसरो ने चंद्रयान-2 के तरल रॉकेट इंजन को दाग कर उसे चांद की कक्षा में पहुंचा दिया. यह प्रक्रिया मंगलवार 9 बजकर 2 मिनट पर पूरी हुई.

इसरो प्रमुख के. सिवन ने कहा, “अभियान के अंतिम 30 मिनट बहुत मुश्किल भरे थे. घड़ी की सुई के आगे बढ़ने के साथ-साथ तनाव और चिंता बढ़ती गई. चंद्रयान-2 के चांद की कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश करते ही अपार खुशी और राहत मिली.” उन्होंने कहा, “हम एक बार फिर चांद पर जा रहे हैं.”

इसरो के मुताबिक अब चंद्रयान-2 को चंद्रमा की सतह से लगभग 100 किलोमीटर की दूरी पर चंद्र ध्रुवों के ऊपर से गुजर रही इसकी अंतिम कक्षा में पहुंचाने के लिए चार और कक्षीय प्रक्रियाओं को अंजाम दिया जाएगा. इसके बाद लैंडर ‘विक्रम’ दो सितंबर को ऑर्बिटर से अलग हो जाएगा. लैंडर विक्रम 7 सितंबर को चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग करेंगा.

ISRO Chandrayaan 2, लूनर ऑर्बिट में चंद्रयान-2 की सक्‍सेसफुल एंट्री, ISRO चीफ बोले- आखिरी 30 मिनट थे बेहद मुश्किल
प्रेस कॉन्‍फ्रेंस के दौरान ISRO चीफ के. सिवन

ISRO Chandrayaan 2 Mission Updates

  • चंद्रयान-2 मिशन ने आज एक बड़ी सफलता हासिल की. सुबह 9 बजे 30 मिनट के लिए चांद की कक्षा में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी की गई. 7 सिंतबर को सुबह 1.55 बजे लैंडर चांद पर लैंड करेगा : के. सिवन, इसरो चीफ
  • इसरो ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि ISRO के प्रमुख के सिवन सुबह 11 बजे प्रेस को संबोधित करेंगे. ISRO के PRO के मुताबिक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस चंद्रयान-2 के चंद्रमा कि कक्षा में प्रवेश समेत अब तक के सफर पर होगी.

22 जुलाई को GSLV MK3-M1 के जरिए प्रक्षेपित किए गए चंद्रयान-2 ने 14 अगस्त को पृथ्वी की कक्षा से निकलकर चंद्र पथ पर आगे बढ़ना शुरू किया था. स्पेसक्राफ्ट में तीन सेगमेंट है- ऑर्बिटर (वजन 2,379 किलोग्राम, आठ पे लॉड्स), लैंडर विक्रम (1,471 किलोग्राम, चार पे लॉड्स) और एक रॉवर प्रज्ञान (27 किलोग्राम, दो पे लॉड्स).

बेंगलूरू के नजदीक ब्याललू स्थित डीप स्पेस नेटवर्क (IDSN) के एंटीना की मदद से बेंगलूरू स्थित इसरो टेलीमेट्री, ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क (ISTRAC) के मिशन ऑपरेशंस कांप्लेक्स (MOX) से यान की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. इसरो ने 14 अगस्त को कहा था कि चंद्रयान-2 की सभी प्रणालियां सामान्य ढंग से काम कर रही हैं.

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