चंद्रयान-2 ने भेजी चांद की पहली तस्वीर, ISRO ने ट्वीट कर दिखाया नजारा

चंद्रयान-2 भारतीय जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल-मार्क तृतीय (GSLV-MK lll द्वारा 22 मई को प्रक्षेपित किया गया था.

21 अगस्त को चंद्रयान -2 ने चांद की दूसरी कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश कर लिया है. जिसके बाद चंद्रयान-2 ने लूनर सतह से लगभग 2650 किमी की ऊंचाई से चांद की तस्वीर ली है.  ISRO (इंडिया स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन) ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है.

ISRO के मुताबिक चंद्रयान-2 से भेजी गई चांद की इस तस्वीर में ओरिएंटेल बेसिन और अपोलो क्रेटर्स को पहचाना गया है.

इसके बाद, चंद्रयान-2 को कई कक्षाओं में प्रवेश कराने के बाद, चांद की सतह से लगभग 100 किलोमीटर दूर चांद के ध्रुवों से गुजरते हुए इसकी अंतिम कक्षा में प्रवेश कराना होगा.

इसके बाद लैंडर विक्रम कक्षा से अलग हो जाएगा और चांद के चारों तरफ 100 किलोमीटर गुणा 30 किलोमीटर की कक्षा में प्रवेश कर जाएगा.

इसरो ने कहा, “इसके बाद यह सात सितंबर 2019 को चांद के दक्षिण ध्रुव क्षेत्र में प्रवेश करेगा.”

अंतरिक्ष यान पर बेंगलुरू स्थित इसरो टेलीमेट्री, ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क स्थित मिशन ऑपरेशंस कॉम्प्लेक्स (एमओएक्स) द्वारा बेंगलुरू के पास बेलालू स्थित इंडियन डीप स्पेस नेटवर्क (आईडीएसएन) एंटीना की मदद से नजर रखी जा रही है.

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष के. सिवन का कहना है कि चांद पर उतरने के लिए भारत का पहला चंद्रमा मिशन ‘चंद्रयान-2’ विश्व स्तर पर उत्सुकता के साथ देखा जा रहा है. यहां पत्रकारों से बात करते हुए सिवन ने कहा कि चंद्रयान-2 मिशन वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण मिशन है.

उन्होंने कहा कि चंद्रमा लैंडर विक्रम के लिए लैंडिंग ऑपरेशन सात सितंबर की रात करीब 1:40 बजे शुरू होगा. वहीं इसकी लैंडिंग रात 1:55 बजे चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर होगी. इसरो के पास तीसरे चंद्रमा मिशन चंद्रयान-3 की भी योजना है.

उनके अनुसार, भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी पुरुषों और महिलाओं के बीच अंतर नहीं करती और केवल प्रतिभावान और मान्य व्यक्ति को अवसर मिलता है.

संयोग से चंद्रयान-2 मिशन परियोजना की निदेशक एक महिला एम. वनिता ही हैं.

ये भी पढ़ें- अगले महीने देश में आएगा पहला राफेल, जानिए पाकिस्तानी F-16 का कैसे देगा मुंहतोड़ जवाब?