अभी भारत-चीन संबंध अच्छे, 24 घंटे सरहद पर मुस्तैद हैं जवान, ITBP डीजी एस एस देसवाल का बयान

हमारी कोशिश है कि पड़ोसी से बेहतर तकनीक और इन्फ्रास्ट्रक्चर का प्रयोग करें. लूकॉन्ग में पहला तकनीक कम्पोजिट बीओपी बनना है जिसकी शुरुआत हो चुकी है. हमारी कोशिश है कि सभी बीओपी को कम्पोजिट में बदला जाए.
ITBP डीजी एस एस देसवाल, अभी भारत-चीन संबंध अच्छे, 24 घंटे सरहद पर मुस्तैद हैं जवान, ITBP डीजी एस एस देसवाल का बयान

भारत-चीन सीमा पर दिन-रात पहरा करने वाली Indo-Tibetan Border Police ( ITBP ) के डीजी एस एस देसवाल से टीवी9 भारतवर्ष से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने जवानों की चुनौतियों से लेकर पर्यटन और सीमा सुरक्षा को लेकर अहम बातें बताई. उन्होंने बताया कि ऊंचाई पर आईटीबीपी की ओर से ज्यादा से ज्यादा सोलर का इस्तेमाल किया जा रहा है जिससे कि किरोसीन की जरूरत को कम किया जा सके.

हिमालय पर एडवेंचर टूरिज्म को ध्यान में रखते हुए हम रेसक्यू टीम की संख्या बढ़ा रहे हैं. साथ ही मेडिकल सुविधाओं में भी इजाफा किया जा रहा है. हम अपने जवानों को पहले से ज्यादा ट्रेंड कर रहे हैं. सभी क्षेत्रों में जवानों को ज्यादा से ज्यादा स्किल किया जा रहा है. बॉर्डर पर बसे लोगों के लिए भी हमने कई तरह की योजनाओं की शुरुआत की है. साथ ही बच्चों के लिए भारत दर्शन कार्यक्रम की भी शुरुआत की है. जिसके तहत एक जगह के बच्चे को दूसरे जगह ले जाया जाता है.

डीजी देसवाल ने कहा कि हमने अपने जवानों के लिए पहले से ज्यादा फैमली क्वार्टर बनवाए हैं. साथ ही 22 आईटीबीपी स्कूल भी आईटीबीपी के स्टॉफ बच्चों के लिए बनाए गए हैं. हमें जो एरिया ऑफ ड्यूटी दिया गया है वह हम कर रहे हैं. भविष्य में क्या जिम्मेदारी दी जाती है इसके बारे में कुछ नहीं कहूंगा. भारत और चीन के बीच अभी अच्छे संबंध हैं. दोनों देशों के बीच जो कुछ भी मैकेनिजम है वह बेहतर है. हमारी सीमाएं सुरक्षित है.

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि फिलहाल आईटीबीपी की ओर से 14 वीआईपी को सुरक्षा प्रदान की जा रही है. बॉर्डर पर कुछ पॉकेट ऐसे हैं जहां हम कड़ी पेट्रोलिंग करते हैं और दूसरे देश के लोग भी करते है. हम लॉन्ग टर्म और शॉट टर्म पर पेट्रॉलिंग कर रहे हैं. हम पहले से ज्यादा बॉर्डर पर पेट्रोलिंग कर रहे हैं. हम हर साल कुछ ना कुछ बीओपी बढ़ा रहे हैं. सड़क बनने की वजह से बॉर्डर पर एक्सेस बढ़ गई है. लगभग 25 नई बीओपी पिछले साल बढ़ाई है. 180 कुल बीओपी आज की तारीख है.

सरकार की कोशिश है कि बीओपी बढ़िया से बढ़िया बनाया जाए. ऐसे में सरकार ने तय किया है कि एयर कंडीशन बीओपी बनाया जाए जिससे कि किसी भी तरीके की परिस्थितियों में जवानों को कोई परेशानी ना हो. इसमें एनर्जी के तौर पर सोलर का प्रयोग किया जाएगा. एक बीओपी में एक कम्पनी होती है. हाल के दिनों में बीओपी की संख्या बढ़ाई गई है.

हमारी कोशिश है कि पड़ोसी से बेहतर तकनीक और इन्फ्रास्ट्रक्चर का प्रयोग करें. लूकॉन्ग में पहला तकनीक कम्पोजिट बीओपी बनना है जिसकी शुरुआत हो चुकी है. हमारी कोशिश है कि सभी बीओपी को कम्पोजिट में बदला जाए. हमने अपने तकनीक और वेपन (हथियार) को हमेशा से बेहतर करने की कोशिश कर रहे हैं. जब हम पेट्रोलिंग कर रहे होते हैं तब एक ही रूट पर दोनों ओर से आमना-सामना हो जाता है.

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