नागरिकता बिल के खिलाफ SC में अर्जी दाखिल करेगी मुस्लिम लीग, कपिल सिब्बल होंगे वकील

नागरिकता बिल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में ये पहली याचिका दाखिल होगी. इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग का कहना है कि यह विधेयक संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है.

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  • Publish Date - 10:58 am, Thu, 12 December 19
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सुप्रीम कोर्ट ने घरेलू हिंसा से महिलाओं के संरक्षण पर 2005 के कानून को 'मील का पत्थर' बताया.

इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) आज सुप्रीम कोर्ट में नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 के खिलाफ याचिका दायर करेगी. नागरिकता बिल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में ये पहली याचिका दाखिल होगी. IUML याचिका में बिल को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द करने की मांग करेगी. मुस्लिम लीग की तरफ से कपिल सिब्बल इस याचिका की पैरवी करेंगे.

ये कहना है मुस्लिम लीग का

  • संविधान धर्म के आधार पर वर्गीकरण की अनुमति नहीं देता है.
  • यह विधेयक संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है.
  • धर्म के आधार पर वर्गीकरण संविधान की मूल भावना के खिलाफ है.
  • ये बिल संविधान के धर्मनिरपेक्षता के बुनियादी सिद्धांतों का उल्लंघन करता है.

बीजेपी नेता अश्वनी उपाध्याय इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कैवेट फाइल करेंगे ताकि मुस्लिम लीग या बिल के खिलाफ दायर याचिकाओं पर कोर्ट एकपक्षीय आदेश जारी नहीं करे.

बता दें कि बुधवार को लंबी बहस के बाद  राज्यसभा में नागरिकता संशोधन बिल (Citizenship Amendment Bill) पास हो गया. इस बिल के पक्ष में 125 वोट और विरोध में 99 वोट पड़े.

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