क्वाड की बैठक में बन सकता है चीन के खिलाफ माहौल! जानें-इसकी बड़ी वज़ह

क्वाड बैठक (Quad Meet) आतंकवाद, साइबर और समुद्री सुरक्षा, विकास वित्त, मानवीय सहायता और आपदा प्रतिक्रिया के दौरान सहयोग को लेकर आयोजित होनी है.

Dr. S. Jaishankar
File Pic- Dr. S. Jaishankar (External Affairs Minister)

विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) 6-7 अक्टूबर को क्वाड की दूसरी मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेने और चीन (China) के साथ भारत की सीमा गतिरोध के बीच द्विपक्षीय बैठकों की सीरीज के लिए जापान जाएंगे. 6 अक्टूबर को होने वाली बैठक का उद्देश्य रणनीतिक सहयोग को मजबूत करना, खुले और समावेशी भारत-प्रशांत क्षेत्र के लक्ष्य को आगे बढ़ाना है.

विदेश मंत्रालय ने कहा कि जयशंकर अपने जापानी समकक्ष तोशिमित्सु मोतेगी के साथ द्विपक्षीय बातचीत के लिए टोक्यो का दौरा करेंगे, दोनों मंत्रियों के पारस्परिक हितों, द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की उम्मीद है. मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “यात्रा के दौरान विदेश मंत्री 6 अक्टूबर, 2020 को दूसरी भारत-ऑस्ट्रेलिया-जापान-यूएसए मंत्रिस्तरीय बैठक में भी भाग लेंगे, जिसमें संबंधित देशों के विदेश मंत्री शामिल हो रहे हैं.

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कोरोना को लेकर क्वाड में चर्चा

क्वाड के विदेश मंत्री, कोविद -19 महामारी से उभरने वाली विभिन्न चुनौतियों के बाद समन्वित प्रतिक्रिया की ज़रूरत पर बातचीत करेंगे. जयशंकर यात्रा के दौरान ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री मारिज पायने और अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ के साथ द्विपक्षीय बातचीत में हिस्सा लेंगे.

क्वाड बैठक आतंकवाद, साइबर और समुद्री सुरक्षा, विकास वित्त, मानवीय सहायता और आपदा प्रतिक्रिया के दौरान सहयोग को लेकर आयोजित होनी है. उन्नत तकनीकों को विकसित करने के लिए 5G और 5G-plus टेलीकॉम मानकों के साथ-साथ इंडो-पैसिफिक में संचार, समुद्री लेन को सुरक्षित करने के लिए व्यावहारिक सहयोग पर चर्चा की उम्मीद है. क्वाड बैठक में चीन के खिलाफ माहौल बन सकता है.

इसलिए चीन के लिए सिरदर्द है ये बैठक

11-12 अक्टूबर 2019 को चेन्नई शिखर सम्मेलन के बाद से इस साल मई में पूर्वी लद्दाख में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की आक्रामकता के बाद चीन के साथ भारतीय संबंधों में 180 डिग्री का मोड़ आया है.

ऑस्ट्रेलिया के चीन के साथ रिश्तों में भी गिरावट आई है. बीजिंग के 80% टैरिफ लगाने, ऑस्ट्रेलियाई वाइन की एंटी-डंपिंग जांच शुरू करने, ऑस्ट्रेलियाई बीफ़ को रोकने, एक ऑस्ट्रेलियाई पत्रकार को गिरफ्तार करने पर संबंध खराब हुए हैं.

जापान के साथ स्थिति अलग नहीं है. पूर्वी चीन सागर में सेनकाकू द्वीपों पर चीनी वार्मिंग के कारण टोक्यो ने अपने रक्षा बजट रिकॉर्ड बढ़ाया है. हांगकांग में नए सुरक्षा कानूनों से भी टोक्यो परेशान है.

क्वाड के सदस्यों विशेष रूप से भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने इस क्षेत्र में समान विचारधारा वाले देशों के साथ चीन की बढ़ती आक्रामकता पर नज़र रखने के लिए काम शुरू किया है.

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