जलियांवाला बाग़ नरसंहार को लेकर बेहद शर्मिंदा, आर्कबिशप ने दंडवत होकर शहीदों को किया याद

मंगलवार को कैंटरबरी के आर्कबिशप जस्टिन पोर्टल वेल्बी जलियांवाल बाग़ पहुंचे. वो यहां साष्टांग नमस्कार की मुद्रा में ज़मीन पर लेट गए.

Jallianwala Bagh a huge shame
Jallianwala Bagh a huge shame

अमृतसर: ब्रिटिश काल में जलियांवाला बाग़ में जिस तरह से हज़ारों हज़ार लोगों को गोलियों से भून दिया गया वो कभी भी नहीं भुलाया जा सकता. मंगलवार को कैंटरबरी के आर्कबिशप जस्टिन पोर्टल वेल्बी जलियांवाल बाग़ पहुंचे. वो यहां साष्टांग नमस्कार की मुद्रा में ज़मीन पर लेट गए और ब्रिटिश काल में हुए इस नृशंस हत्याकांड पर दुख ज़ाहिर किया.

उन्होंने यहां पर प्रार्थना करते हुए कहा, ‘इतिहास में जो हुआ वो आप सब की यादों में है और यह जीवनपर्यंत रहेगा. मैं इस ख़ौफ़नाक कृत्य को लेकर बेहद दुखी और शर्मिंदा हूं. एक धार्मिक नेता के तौर पर इस ट्रेजडी से काफी आहत हूं. जलियांवाला बाग ब्रिटिश काल में हुए नरसंहार की याद दिलाता है.’

उन्होंने ट्वीट किया, “अमृतसर में आज भयावह जलियांवाला बाग नरसंहार के भयावह स्थल की यात्रा करके मैं बेहद दुख, नम्रता व शर्म महसूस करता है. यहां 1919 में ब्रिटिश जवानों द्वारा बड़ी संख्या में सिखों के साथ-साथ हिंदुओं, मुस्लिमों व ईसाइयों की गोली मारकर हत्या कर दी गई.”

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा कि उनकी पहली प्रतिक्रिया अभी भी दुख, नुकसान व क्रोध सह रहे लोगों के लिए ईश्वर से प्रार्थना करना है.

उन्होंने कहा, “प्रार्थना का मतलब मेरी उन कार्यो की तरफ प्रतिबद्धता है जो संस्कृति व धर्म के विभाजन को पाटने का कार्य करते हैं.”

आर्कबिशप अपनी पत्नी कैरोलीन के साथ पहुंचे थे. यह शहर हरमंदिर साहिब के नाम से भी जाना जाता है. हरमंदिर साहिब सिखों का पवित्र मंदिर है, जिसे स्वर्ण मंदिर के नाम से जानते हैं.

Related Posts