‘जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्‍लादेश’ पर भारत में प्रतिबंध, बंगाल-बिहार में किए थे धमाके

जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्‍लादेश (JMB) नाम का यह संगठन 1998 में अस्तित्‍व में आया.

नई दिल्‍ली: भारत ने जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्‍लादेश (JMB) को प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन घोषित किया है. गृह मंत्रालय की ओर से जारी एक अधिसूचना के अनुसार, यह प्रतिबंध जमात-उल-मुजाहिदीन भारत और जमात-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान सहित जेएमबी की सभी शाखाओं पर लागू होगा. अधिसूचना में कहा गया है कि सरकार मानती है कि जेएमबी और इसकी शाखाएं देश में विभिन्न आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त रही हैं.

गृह मंत्रालय ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), 1967 के पहले अनुच्‍छेद में इस संस्‍था के सभी छद्म नामों को शामिल किया है. UAPA के पहले अनुच्‍छेद में शामिल किए जाने का मतलब संगठन का भारत में प्रतिबंधित होना होता है.

गृह मंत्रालय ने कहा कि इस संगठन ने आतंकवादी घटनाओं को अंजाम दिया है, आतंकवाद को बढ़ावा दिया है और भारत के आतंकी गविधितियों के लिए युवाओं की नियुक्तियों में शामिल रहा है. JMB पर 2016 में ढाका में एक कैफे पर हमला करने का आरोप है. इस हमले में 17 विदेशी नागरिकों समेत 22 लोगों की मौत हुई थी.

भारत में भी अंजाम दिए आतंकी हमले

भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने जमात-उल-मुजाहिदीन के तार पश्चिम बंगाल के बर्दवान में 2 अक्‍टूबर, 2014 को हुए बम धमाकों और 19 जनवरी, 2018 को बिहार के बोध गया में हुए धमाकों से जोड़े हैं. असम पुलिस ने भी पांच मामलों में JMB की संलिप्‍तता के सबूत पाए हैं और संगठन से जुड़े 56 लोगों केा गिरफ्तार भी कर चुकी है.

मंत्रालय ने जो नोटिफिकेशन जारी की है, उसके मुताबिक यह संगठन 1998 में अस्तित्‍व में आया. इसका मकसद जिहाद के जरिए खलीफा का शासन लागू करना है. मंत्रालय के मुताबिक, यह संगठन विस्‍फोटक रसायनों और IED असेंबल करने में भी लिप्‍त था.

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