जामिया हिंसा: ‘पुलिस बुझा रही थी बस में लगी आग, कनस्तर में था पानी’

वायरल हो रहे वीडियोज पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ ऑपरेशन लीड कर रहे अफसर ने दी सफाई.

नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 (CAA) के विरोध में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच ऐसा माहौल बना कि साउथ दिल्ली का न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी इलाका जंग का मैदान नजर आने लगा. थोड़ी ही देर में प्रदर्शन की जगह से वीडियो सोशल मीडिया पर सर्कुलेट होने लगे जिनमें एक बस जलती हुई दिख रही थी. एक बस में पुलिस वाले कनस्तरों से कोई तरल पदार्थ डालते हुए दिख रहे हैं.

इस वीडियो को ज्यादातर लोगों ने ये कहकर फैलाया कि बस में आग स्वयं पुलिस लगा रही है और वही पेट्रोल छिड़ रही है. दिल्ली के मंत्री मनीष सिसोदिया ने कुछ तस्वीरों के साथ ट्वीट किया ‘ये फोटो देखिए. देखिए कौन लगा रहा है बसों और कारों में आग. यह फोटो सबसे बड़ा सबूत है बीजेपी की घटिया राजनीति का. इसका कुछ जवाब देंगे बीजेपी के नेता.’

पुलिस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है. दिल्ली पुलिस पब्लिक रिलेशन ऑफिसर एमएस रंधावा ने कहा ‘आपको पूरा वीडियो देखना चाहिए. बस के बाहर आग थी. पुलिस उसे बुझाने के लिए पानी का इस्तेमाल कर रही थी.’

प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे साउथ ईस्ट दिल्ली पुलिस के डिप्टी कमिश्नर चिन्मय बिस्वाल ने भी मनीष सिसोदिया के आरोपों को नकारा. उन्होंने कहा ‘हम नहीं कह सकते कि यह छात्रों की भीड़ थी या स्थानीय लोगों की, वहां 1500 से 2000 हजार लोग जमा थे. प्रदर्शनकारी रिंग रोड की तरफ गए और वहां डीटीसी की बसों में आग लगाई.’

जहां दिल्ली पुलिस रविवार को हुए इस घटनाक्रम में किसी तरह की संलिप्तता से इनकार कर रही है वहीं अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रों को रोकते हुए यूपी पुलिस का वीडियो वायरल हो गया है जिसमें वे लाठियों से स्कूटर-बाइक तोड़ते नजर आ रहे हैं.

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