जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने सोनिया गांधी को भेजा पत्र, कहा- शिवसेना को न दें समर्थन, हानिकारक होंगे परिणाम

288 सीटों वाली महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को बहुमत मिला था लेकिन सीएम पद को दोनों पार्टियों में सहमति नहीं बन सकी. जिसकी वजह से राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया है.

महाराष्ट्र में सरकार गठन को खींचतान जारी है. सरकार बनाने के लिए दिल्ली से लेकर मुंबई तक हाई प्रोफाइल मीटिंग्स चल रही हैं. इसी बीच जमीयत उलेमा-ए-हिंद(Jamiat Ulema-e-Hind) ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) को पत्र लिखकर शिवसेना(Shiv Sena) का समर्थन न करने की अपील की है. जमीयत उलेमा-ए-हिंद(Jamiat Ulema-e-Hind) ने कहा कि कांग्रेस द्वारा शिवसेना को समर्थन देने का फैसला कांग्रेस के लिए हानिकारक होगा.

गौरतलब है कि सोनिया गांधी और शरद पवाल की एक और मीटिंग हुई. हालांकि मीटिंग में सरकार बनाने को लेकर कोई फैसला नहीं किया गया. सोनिया को लिखे गए पत्र में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी(Maulana Arshad Madani) ने लिखा है, ‘मैं आपका ध्यान महाराष्ट्र की खराब राजनीति की तरफ आकर्षित करना चाहता हूं और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आप शिवसेना को समर्थन देने के बारे में सोच रही हैं. यह फैसला कांग्रेस पार्टी के लिए ही खतरनाक और घातक होगा.’

jamiat ulema e hind chief Maulana Arshad Madani, जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने सोनिया गांधी को भेजा पत्र, कहा- शिवसेना को न दें समर्थन, हानिकारक होंगे परिणाम

288 सीटों वाली महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को बहुमत मिला था लेकिन सीएम पद को दोनों पार्टियों में सहमति नहीं बन सकी. जिसकी वजह से राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया है.

बीजेपी को 105, शिवसेना को 56, एनसपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटों पर जीत मिली थी. हालांकि शिवसेना एनसीपी और कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाने की कोशिश कर रही है. कांग्रेस का स्थानीय नेतृत्व तो शिवसेना को समर्थन के पक्ष में है लेकिन उसकी कट्टर हिंदुत्व की छवि की वजह से कांग्रेस आलाकमान अभी भी समर्थन को लेकर दुविधा में है.