मोहन भागवत से क्यों मिले जमीयत प्रमुख मौलाना अरशद मदनी, गुप्त मुलाकात में क्या हुई बात?

दोनों के बीच यह मुलाकात दिल्ली के संघ कार्यालय केशव कुंज में हुई.

नई दिल्ली: मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद (JUH) के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सर संघचालक मोहन भागवत से मुलाकात की. दोनों के बीच यह मुलाकात शनिवार (30 अगस्त) को नई दिल्ली के झंडेवालान स्थित संघ कार्यालय केशव कुंज में हुई.

अंग्रेजी अखबार ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की खबर के मुताबिक दोनों के बीच यह मुलाकत लगभग एक घंटे तक चली. JUH की ओर से बताया गया कि मुलाकात में देश के मौजूदा हालात पर चिंता जताते हुए आपसी भाईचारा बढ़ाने के लिए साथ आकर काम करने की जरूरत पर जोर दिया गया.

मौलाना अरशद मदनी ने एक न्यूज चैनल से बात करते हुए कहा कि RSS चीफ से मुलाकात में सुनील पांडे का मुख्य रोल रहा. ये मुलाकात गैर राजनीतिक थी और हिन्दू मुस्लिम भाईचारा कायम करने के मकसद से की गई थी.

मौलाना अरशद मदनी ने इस बात को भी जोर देकर कहा कि वो आरएसएस चीफ मोहन भागवत के साथ आने वाले वक्त में मंच भी साझा करेंगे इससे उन्हें कोई परहेज नहीं.

उनका कहना है कि इस मुलाकात में भीड़ द्वारा हत्या, घृणा अपराधों की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत पर भी जोर दिया. एनआरसी और कुछ अन्य मुद्दों पर भी बात हुई.

मोहन भागवत की तारीफ करते हुए मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि मोहन भागवत बेहद सुलझे हुए आदमी है और वो इस बात को कहते है कि देश की तरक्की के लिए हिंदू मुस्लिम एकता बहुत जरूरी है. यही वजह है कि अब जमीयत उलेमा ए हिन्द और आरएसएस के बीच संपर्क ना टूटे इसके लिए पूरी कोशिश की जाएगी.

गौरतलब है कि लंबे अरसे बाद जमीयत प्रमुख और आरएसएस के सरसंघचालक के बीच मुलकात हुई है. इससे पहले 2004 में तत्कालीन संघ प्रमुख केएस सुदर्शन और उस वक्त के जमीयत प्रमुख मौलाना असद मदनी के बीच इंडिया हैबिटेट सेंटर में एक कार्यक्रम के दौरान मुलाकात हुई थी.

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