35A पर SC में सुनवाई पर सस्पेंस, अब सरकार पर नजरें टिकीं

इस मसले को लेकर स्थानीय लोगों को लगता है कि केंद्र की बीजेपी सरकार 35ए को लेकर कोई छेड़छाड़ कर सकती है. इसी के चलते रविवार को राज्य में भारी प्रदर्शन किया गया, जिसके कारण कई इलाकों में धारा 144 लागू की गई और इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी गई.

जम्मू: सुप्रीम कोर्ट में जम्मू-कश्मीर से सेक्शन 35ए को हटाने को लेकर आज यानी सोमवार को सुनवाई होने के आसार नज़र नहीं आ रहे हैं. वहीं राज्यपाल प्रशासन का इस मामले को लेकर कहना है कि 35ए पर जो भी फैसला होगा वह राज्य की नई सरकार करेगी. निर्वाचित सरकार जो भी फैसला लेगी, वह उसे सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश करेगी. साथ ही यह खबर भी सामने आ रही है कि केंद्र की बीजेपी सरकार नए अध्यादेश के जरिए 35ए में बदलाव कर सकती है.

35ए को लेकर जम्मू-कश्मीर में भारी सुरक्षाबल तैनात किया गया है ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी न हो पाए. वहीं राज्य के गर्वनर इस मामले को ठंडा करने के प्रयास में जुटे हुए हैं. घाटी में तनावपूर्ण स्थिति को कंट्रोल करने के लिए गर्वनर सत्यपाल मलिक ने अपने एक बयान में कहा कि घाटी में अलगाववादियों के खिलाफ हो रही कार्रवाई और भारी सुरक्षाबल तैनात किया जाना आने वाले चुनावों के मद्देनजर हुआ है.

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घाटी में भारी सुरक्षाबल बढ़ाया गया.

बता दें कि पहले यह बात सामने आई थी कि 25 और 26 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट इस मामले की सुनवाई करेगा, लेकिन कोर्ट की सुनवाई सूची में फिलहाल इस केस का उल्लेख नहीं है. राज्यपाल प्रशासन में नवनिर्वाचित प्रवक्ता रोहित कंसल ने बताया कि इस मामले पर उनका रुख स्पष्ट है और उनके द्वारा सुप्रीम कोर्ट से 35ए की सुनवाई को स्थगित करने का अनुरोध किया गया था. इसके साथ ही कंसल ने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और राज्य में शांति बनाए रखें.

गौरतलब है कि 35ए की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है, जिसमें जम्मू-कश्मीर प्रशासन को सुप्रीम कोर्ट में जवाब देना होगा. इस मसले को लेकर स्थानीय लोगों को लगता है कि केंद्र की बीजेपी सरकार 35ए को लेकर कोई छेड़छाड़ कर सकती है. इसी कारण रविवार को राज्य में भारी प्रदर्शन किया गया, जिसके कारण कई इलाकों में धारा 144 लागू की गई और इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई.

क्या है धारा 35ए?
संविधान की धारा 35ए अनुक्षेद 370 से जुड़ा हुआ है. जिसमें कश्‍मीरियों के अधिकारों की बात कही गई है. धारा 35ए के तहत ही राज्‍य को विशेष राज्‍य का दर्जा मिला है. इसके तहत राज्‍य में जम्‍मू कश्‍मीर विधानसभा को कानून बनाने के विशेष अधिकार मिले हैं. कानून के मुताबिक दूसरे राज्‍यों के नागरिक जम्‍मू कश्‍मीर में संपत्ति नहीं खरीद सकते हैं. वहीं दूसरे राज्‍यों के नागरिकों को जम्‍मू कश्‍मीर में स्‍थाई रूप से बसने या नौकरी करने का अधिकार भी नहीं है. वहीं राज्‍य की किसी महिला ने दूसरे राज्‍य के व्‍यक्ति से शादी की है तो उसके सभी अधिकार छिन जाते हैं.