जम्मू-कश्मीर: एक साल में करीब 6 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट्स को मिली मंजूरी, कई सालों से थे पेंडिंग

जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने यह जानकारी देते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में सुशासन और विकास का काम प्रगति पर है.
Jammu and Kashmir pending Projects, जम्मू-कश्मीर: एक साल में करीब 6 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट्स को मिली मंजूरी, कई सालों से थे पेंडिंग

जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) से अनुच्छेद 370 (Article 370) हटने के एक साल के भीतर अब तक करीब 5979 करोड़ के 2273 इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट (Infrastructure Projects) को मंजूरी दी गई है. ये सभी प्रोजेक्ट पिछले 5-10 सालों से पेंडिंग पड़े थे. इसके अलावा अब तक करीब 506 प्रोजेक्ट ऐसे हैं जो पूरे हो चुके हैं.

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जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने यह जानकारी देते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में सुशासन और विकास का काम प्रगति पर है. अब तक किए गए कुछ कामों में पंचायत संरचना को मजबूत करना, झेलम बाढ़ शमन परियोजना का पहला चरण पूरा करना, 10,000 नौकरियों का निर्माण और 50 नए डिग्री कॉलेज खोलना शामिल हैं.

“लोगों इच्छाएं पूरी होने में लगेगा कुछ समय”

जम्मू-कश्मीर के निवासियों की इच्छाओं को पूरा होना में कुछ समय लगेगा ये कहते हुए सुब्रह्मण्यम ने कहा, “मुझे लगता है कि हमें धैर्य की जरूरत है. हम कदम आगे बढ़ा रहे हैं. एक बार जब हम विकास की प्रक्रिया को पूरा कर लेंगे, लोगों को नौकरियां मिलने लगेंगी, निवेश को बढ़ाते हुए देखेंगे, तो आप लोगों के दिमाग को एक अलग फ्रेम में पाएंगे.”

“प्रधानमंत्री ने कहा- राज्य में सुधार कर लोगों को सौंपे उनकी अमानत”

जम्मू-कश्मीर की पिछली स्थिति को टूटा हुआ और बिना किसी सिस्टम के वर्षों के गलत व्यवहार, भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी का कारण बताते हुए, सुब्रह्मण्यम ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उन्हें जम्मू-कश्मीर एक स्पष्ट निर्देश के भेजा था कि राज्य को साफ करें, उसमें सुधार करें और जम्मू-कश्मीर के लोगों को उनकी अमानत सौंप दें.

“चार दशकों से रुके हुए प्रोजेक्ट हुए शुरू”

मुख्य सचिव ने कहा कि वह और अन्य अधिकारी एक मजबूत संस्थागत बुनियादी ढांचे को बनाने के लिए काम कर रहे हैं, जो भ्रष्टाचार से मुक्त है. पिछले चार दशकों से रुके हुए शाहपुर-कंडी प्रोजेक्ट शुरू कर दिए गए हैं. इसके अलावा पंचायत चुनाव भी सफलतापूर्वक संपन्न हुए हैं.

“एक मजबूत पंचायत प्रणाली खड़ा करने का लक्ष्य”

सुब्रह्मण्यम ने कहा कि हमारी प्राथमिकता अब एक मजबूत पंचायत प्रणाली को खड़ा करना है. उन्होंने कहा कि पंचायत अधिकारियों का एक कैडर बनाया जाएगा, जो खातों को भी संभालेंगे. एक पंचायत सचिवालय बनाया जा रहा है और सभी 4,300 पंचायत भवनों का एक स्टैंडर्ड डिजाइन होगा.

“जम्मू-कश्मीर पर कोरोना का सबसे कम असर”

Covid-19 के प्रभाव पर, मुख्य सचिव ने कहा कि महामारी ने 7-8 महीने तक पर्यटन, दुकानें और परिवहन सेक्टर को प्रभावित किया है. उन्होंने कहा, “मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि J&K की GDP पर कोरोना का प्रभाव सभी राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों के मुकाबले सबसे कम होगा.”

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