कठुआ रेप-मर्डर केस की जांच करने वाली SIT पर गवाहों के टॉर्चर का आरोप, FIR दर्ज करने के आदेश

पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि उन्होंने पक्का डंगा पुलिस स्टेशन में 24 सिंतबर को शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उनकी इस शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई.

जम्मू कोर्ट ने मंगलवार को पिछले साल कठुआ में आठ साल की बच्ची के साथ रेप और हत्या मामले की जांच करने वाली क्राइम ब्रांच की स्पेशल टीम (एसआईटी) के सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है.

यह आदेश तीन व्यक्तियों शिकायत के आधार पर दिया गया है, जिनका कहना है कि इस मामले में आरोपित विशाल जंगोत्रा ​​के खिलाफ झूठे सबूत देने के लिए उन्हें पूछताछ के दौरान बुरी तरह से प्रताड़ित किया गया था.

विशाल जंगोत्रा को कोर्ट इस मामले में बरी कर चुकी है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, कठुआ और सांबा जिले के रहने वाले सचिन शर्मा, नीरज शर्मा और साहिल शर्मा ने आरोप लगाया है कि उन्होंने पक्का डंगा पुलिस स्टेशन में 24 सिंतबर को शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उनकी इस शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई.

सिटी जज प्रेम सागर द्वारा जम्मू एसएसपी को आदेश देते हुए कहा कि पीड़ितों की शिकायत के आधार पर कठुआ मामले की जांच करने वाली टीम के छह सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए, क्योंकि इन पर संज्ञेय अपराध बनता है.

जिन छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा गया है, उनमें एसआईटी का नेतृत्व करने वाले एसएसपी रमेश कुमार जल्ला, डिप्टी एएसपी नावीद पीरजादा, डीएसपी श्वेतांबरी शर्मा, एसपी नासिर हुसैन, उर्फान वानी और केवल किशोर शामिल हैं. नासिर हुसैन अभी भी क्राइम ब्रांच से जुड़े हुए हैं. एसएसपी रमेश कुमार जल्ला रिटायर हो चुके हैं. एसपी पीरजादा साउत सुडान में यूएन मिशन का हिस्सा हैं और एसपी शर्मा जम्मू के पुलिस हेडक्वार्टर में कार्यरत हैं.

कोर्ट ने एसएसपी को 7 अक्टूबर को अगली सुनवाई के दौरान एसएसपी को कंप्लायंस रिपोर्ट पेश करने को कहा है.

 

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