जम्‍मू-कश्‍मीर में खुलेंगी सिर्फ 153 वेबसाइट्स, सोशल मीडिया और न्‍यूज पर बैन बरकरार

5 अगस्‍त को जम्‍मू-कश्‍मीर का स्‍पेशल स्‍टेटस खत्‍म किए जाने के बाद से ही घाटी में मोबाइल इंटरनेट और ब्रॉडबैंड सेवाएं बंद थीं.

जम्‍मू-कश्मीर प्रशासन ने घाटी में 15 जनवरी से ब्रॉडबैंड सेवाएं बहाल करने का ऐलान किया था. सरकार ने कुल 153 वेबसाइट्स को एक्‍सेस करने की परमिशन दी है. इसमें सेाशल मीडिया और न्‍यूज वेबसाइट्स शामिल नहीं हैं. सरकारी ‘व्‍हाइटलिस्‍ट’ में जरूरी सेवाओं से जुड़ी वेबसाइट्स को रखा गया है.

घाटी में क्‍या एक्‍सेस कर पाएंगे?
  • चार ईमेल सर्विसेज – Gmail, Outlook वगैरह.
  • 15 बैंकिंग वेबसाइट्स – J&K Bank, RBI, Paypal, Western Union व अन्‍य.
  • रोजगार से जुड़ी तीन वेबसाइट्स.
  • 38 एजुकेशनल वेबसाइट्स जिनमें 5 कश्‍मीरी यूनिवर्सिटी और Wikipedia भी.
  • 20 ट्रेवल वेबसाइट्स जिनमें Incredible India और Amarnath Shrine Board की साइट भी.
  • सरकारी सेवाएं जैसे इनकम टैक्‍स फाइलिंग, पासपोर्ट और UIDAI.
  • 11 एंटरटेनमेंट वेबसाइट्स जैसे Netflix, Amazon Prime और Hotstar.

घाटी में 5 अगस्‍त को जम्‍मू-कश्‍मीर का स्‍पेशल स्‍टेटस खत्‍म किए जाने के बाद से ही मोबाइल इंटरनेट और ब्रॉडबैंड सेवाएं बंद थीं. 70 दिन बाद पोस्‍टपेड मोबाइल शुरू किए गए. 1 जनवरी को SMS सेवाएं बहाल की गईं. 10 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने घाटी में इंटरनेट शटडाउन का रिव्‍यू करने को कहा.

राज्‍य के गृह मंत्रालय ने 14 जनवरी को जारी आदेश में कहा कि ‘इंटरनेट देने से पहले सभी इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स (ISPs) को जरूरी फायरवाल्‍स इंस्‍टॉल करनी होंगी और साइट्स की व्‍हाइटलिस्‍टिंग करनी होगी ताकि सरकारी वेबसाइट्स और जरूरी साइट्स खुल सकें सिवाय सभी सोशल मीडिया साइट्स के.”

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