किश्‍तवाड़ बस हादसे में अब तक 35 की मौत, पीएम मोदी, गृहमंत्री शाह ने जताया दुख

बताया जा रहा है कि बस में क्षमता से ज्‍यादा लोग सवार थे. मौके पर राहत और बचाव के लिए लोग पहुंच गए हैं.

श्रीनगर: जम्मू एवं कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सोमवार को एक सड़क दुर्घटना में 35 लोगों की मौत हो गई और 22 लोग घायल हो गए. किश्तवाड़ के जिला अधिकारी अंगरेज सिंह राणा ने कहा कि यह दुर्घटना सुबह 8.40 बजे घटी जब केशवान इलाके से किश्तवाड़ जा रही एक मिनी बस से उसके चालक का नियंत्रण हट गया और सिर्गवाड़ी गांव के निकट बस एक गहरी खाई में गिर गई.

राणा ने कहा कि घायलों को विशेष इलाज के लिए विमान द्वारा जम्मू स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज भेजा गया है. राहत एवं बचाव कार्यो में स्थानीय लोग भी जुट गए हैं.

गवर्नर सत्‍यपाल मलिक ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे को ‘दिल दहला देने वाला’ बताया है.  केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने किश्‍तवाड़ बस हादसे पर दुख जताया है. उन्‍होंने घायलों के शीघ्र स्‍वस्‍थ होने की कामना की.

राज्‍य के पूर्व मुख्‍यमंत्री उमर अब्‍दुल्‍ला ने हादसे पर शोक जताया है. उन्‍होंने ट्वीट कर हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति संवेदनाएं प्रकट कीं.

पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने घटना पर संवेदना व्यक्त की है. आजाद ने कहा, “घटना के बारे में जानकर मैं बहुत दुखी हूं. मैं राज्य प्रशासन से घायलों को तत्काल स्वास्थ्य सहायता प्रदान करने का आग्रह करता हूं.” जम्मू के संभागीय आयुक्त संजीव वर्मा ने भी दुर्घटना को दुर्भाग्यशाली बताया है.

इससे पहले डोडा, किश्तवाड़, राजौरी और पुंछ जिलों की पहाड़ियों में भी वाहनों के बुरी तरह भरे होने, तेज रफ्तार और खराब सड़कों के कारण पहले भी ऐसी दुर्घटनाएं होती रही हैं.

27 जून को मुगल रोड के पीर की गली क्षेत्र में हुई सड़क दुर्घटना में एक निजी कंप्यूटर प्रशिक्षण संस्थान के 11 छात्रों की भी मौत हो गई थी. मुगल रोड जम्मू क्षेत्र में राजौरी और पुंछ जिलों को जोड़ती है.

दुर्घटना के बाद, पुंछ जिले के प्रशासन ने बिना जिला प्रशासन की अनुमति के शिक्षण संस्थानों के सभी सैर-सपाटों पर रोक लगा दी थी.

शिमला में सड़क दुर्घटना में 2 छात्रों समेत 3 की मौत

वहीं, हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में सोमवार को सरकार संचालित एक बस लुढ़ककर खाई में गिर गई जिससे उसमें सवार एक निजी स्कूल के दो छात्रों और बस के चालक नरेश की मौत हो गई और पांच अन्य लोग घायल हो गए. पुलिस ने यह जानकारी दी. घायलों को यहां स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है.

कॉन्वेंट ऑफ जीसस एंड मेरी चेल्सिया के छात्र हिमाचल सड़क परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बस में यात्रा कर रहे थे. यह दुर्घटना लोअर खलिनी में हुई. प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि मुख्य रूप से सड़क संकरी होने और लोहे के बैरियर न होने के कारण यह दुर्घटना हुई.

घटनास्थल पर पहुंचे स्थानीय विधायक और शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज को स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा. वे लोग यात्रियों की सुरक्षा के लिए सरकार पर लापरवाही का आरोप लगा रहे थे और क्षेत्र में पार्किं ग सुनिश्चित कराने के लिए कह रहे थे. मंत्री घटनास्थल से तुरंत चले गए.

भीड़ ने सड़क के किनारे खड़े लगभग 20 वाहनों की खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए. पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है. इससे लगभग एक पखवाड़े पहले भी कुल्लू जिले में यात्रियों से बुरी तरह भरी एक बस के दुर्घटनाग्रस्त होने पर 44 यात्रियों की मौत हो गई थी. इसके अलावा 35 यात्रियों को गंभीर चोटें आई थीं.