जम्मू कश्मीर: राज्यपाल से मिलीं महबूबा, घाटी में दहशत के माहौल को दूर करने का किया अनुरोध

अमरनाथ यात्रियों को तुरंत जम्मू-कश्मीर छोड़ने संबंधी एडवाइजरी जारी करने के बाद स्थानीय लोगों में भय का माहौल बन गया है. वहीं इस मामले में सियासत भी गर्माने लगी है.

श्रीनगर: अमरनाथ यात्रियों को तुरंत जम्मू-कश्मीर छोड़ने संबंधी एडवाइजरी जारी करने के बाद स्थानीय लोगों में भय का माहौल बन गया है. वहीं इस मामले में सियासत भी गर्माने लगी है. कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कहा कि ऐसा सुनने में आ रहा है कि कश्मीर में अतिरिक्त बलों की नियुक्ति की जा रही है. ऐसी भी खबरें आ रहीं थी कि केंद्र सरकार धारा 35 ए और 370 पर दखल दे रही है.

LIVE UPDATE:

  • श्रीनगर जिले में हमारे पास भोजन, ईंधन और दवाओं सहित सभी आवश्यक चीजों के पर्याप्त भंडार हैं. सड़कें खुली हैं. लोगों से अनुरोध है कि वे जमाखोरी और अपात खरीदारी से बचें.

  • श्रीनगर डीएम शाहिद चौधरी ने ट्वीट कर कहा, बढ़ती अफवाहों के मद्देनजर, सभी संस्थानों के प्रमुखों को दिन में सावधान रहने की सलाह दी गई है. किसी भी संस्थान को बंद करने के लिए कोई सलाह या निर्देश नहीं दिया गया है. दरअसल घाटी में अफवाह फैलाई गई थी कि माहौल तंग हो रहा है ऐसे में एनआई बंद रहेंगे, जिसका डीएम शाहिद चौधरी ने खंडन किया है.

  • पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती ने पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस की उसके बाद वो फारूक अब्दुल्ला से मिलने पहुंची. इस दौरान उनको सुरक्षाबलों ने रोक लिया. सुरक्षाबलों और महबूबा मुफ्ती के बीच नोकझोंक हुई. इसके बाद वो मिलने पहुंची. अब खबर ये आ रही है कि वो राज्यपाल से मुलाकात कर सकती हैं.
  • कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि, कश्मीर में अतिरिक्त बलों को भेजा जा रहा है. ये पहले से ही सुनियोजित था. लेकिन खबरें ऐसी भी आ रही हैं कि केंद्र सरकार जम्मू कश्मीर से धारा 35ए और 370 को खत्म करना चाहती है इसकी वजह से ऐसा किया जा रहा है. लेकिन आज तो एडवाइजरी गर्वमेंट ऑफ इंडिया की तरफ से होम मिनिस्टरी की तरफ से दी गई है वो बहुत ही चिंताजनक है. जम्मू कश्मीर में पिछले तीस सालों से आतंकवाद है लेकिन कभी यात्रा को ऐसे नहीं रोकी गई. पिछले 10 सालों से तो पूरी तरह शांत माहौल है. पहले जैसा माहौल नहीं है. घाटी में पूरी तरह से शांति है. मिलिटैंट भी नहीं है. हम लोगों ने आज मीटिंग की है. आज पूरे हिंदुस्तान में चिंता का माहौल है. जम्मू कश्मीर, लद्दाख के लोग नहीं चाहते कि यहां से धारा 370 और 35ए हटे.
  • पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट करते बताया कि श्रीनगर की सड़कों पर पूरी अव्यवस्था फैल गई है. लोग एटीएम, पेट्रोल पंपों और जरूरी सामान लेने के लिए सड़कों पर उतर आए हैं. क्या भारत सरकार को सिर्फ यात्रियों की सुरक्षा की फिक्र है जबकि कश्मीरियों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है. सूबे की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि कश्मीर में ‘कुछ बड़ा’ प्लान किया जा रहा है.
  • अमित शाह (ऑन रिकॉर्ड,ऑफ कैमरा), ये साधारण एडवाइजरी नहीं है. (कश्मीर में जम्मू-कश्मीर सरकार की अमरनाथ यात्रा और पर्यटकों के लिए एडवाइजरी जारी करने पर)
  • अमरनाथ यात्रा पर उमा भारती ने कहा, ये गृह मंत्रालय का फैसला है, अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा के लिए ही होगा फैसला, जहां से याद करोगे बाबा अमरनाथ वहीं आशिर्वाद देंगे.
  • कश्मीर की सड़कों पर फैली अव्यवस्था के माहौल के बीच कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर बसीर खान ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि लोग ऐसी अफवाहों को मत फैलाएं. अगले कुछ दिनों में स्थिति के तनावपूर्ण होने के आसार को देखते हुए लोग पेट्रोल पंपों, एटीएम और जरूरी सामानों को लेने के लिए सड़कों पर उतर आए हैं.
  • कश्मीर के संभागीय आयुक्त बसीर अहमद खान के मुताबिक जिले के किसी भी स्कूल को बंद नहीं किया गया है. उन्होंने लोगों से किसी भी अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि विश्वसनीय जानकारी के लिए लोगों को अपने संबंधित उपायुक्तों से संपर्क करना चाहिए.
  • अमरनाथ यात्रियों को कश्मीर से जल्द निकलने के लिए कहा गया है. आतंकी खतरे को देखते हुए सरकार ने ये फैसला लिया है. अमरनाथ यात्रा फिलहाल 4 अगस्त तक स्थगित कर दी गई है. सरकार की ओर से कहा गया है कि सभी श्रद्धालु कश्मीर से निकल जाएं.
  • जम्मू-कश्मीर प्रशासन की ओर से इस संबंध में अमरनाथ यात्रियों और पर्यटकों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है. इस एडवाइजरी में कहा गया है कि राज्य में बड़े आतंकी हमले इनपुट मिले हैं, इसलिए आप लोग जल्द से जल्द अपनी यात्रा को पूरी करके लौट जाएं.

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