नेता नजरबंद, परेशान अलगाववादी, कश्मीर में हो रही है ‘नई सुबह’

पूरे जम्मू कश्मीर में मोबाइल नेटवर्क, टीवी केबल, ब्रॉडबेंड और पब्लिक मूवमेंट पर रोक लगा दी गई है.

श्रीनगर: जम्मू कश्मीर में सोमवार की सुबह घाटी के लोगों के लिए एक नई और अनोखी सुबह हो सकती है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जम्मू-कश्मीर राज्य में 10 प्रतिशत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) कोटे के कार्यान्वयन के लिए सोमवार को राज्यसभा में जम्मू और कश्मीर आरक्षण (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2019 पेश करेंगे.

केंद्र सरकार के इस कदम को लेकर राज्यभर में अराजक तत्व और अलगाववादी कुछ अनहोनी न कर दें, इसलिए बीती रात कई अहम फैसले लिए गए. इन फैसलों के तहत राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला समेत कई नेताओं को हाउस अरेस्ट किया गया. पूरे जम्मू कश्मीर में मोबाइल नेटवर्क, टीवी केबल, ब्रॉडबेंड और पब्लिक मूवमेंट पर रोक लगा दी गई है.

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घाटी के कई इलाकों में धारा 144 भी लागू कर दी गई है. एहतियातन राज्य के सभी स्कूल और कॉलेज चाहे वह सरकारी हो या प्राइवेट, सभी को बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं. जम्मू विश्वविद्यालय में सोमवार से परीक्षा होनी थीं. जिन्हें रद्द कर दिया गया है. प्रशासन का कहना है कि अगले आदेश तक ये सभी संस्थाएं बंद रहेंगी.

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राज्य में धारा 144 लागू होने के चलते पब्लिक मूवमेंट को भी पूरी तरह रोक दिया गया है. अधिकारियों को आवागमन के लिए अपने परिचय पत्र दिखाने होंगे जोकि मूवमेंट के आईडी कार्ड के तौर पर ही काम करेंगे. मालूम हो कि सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए रात को सीआरपीएफ की 40 बटालियनों को जम्मू भेजा गया था.

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