कश्मीर में हालात खराब हो रहे हैं, हिंसा हो रही है, पीएम जवाब दें- राहुल गांधी

भारत की ओर से हाल ही में जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद-370 को रद्द करने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है.

Jammu and Kashmir News: नेशनल कॉन्‍फ्रेंस ने जम्‍मू-कश्‍मीर से विशिष्‍ट दर्जा छीने जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है. NC नेताओं मोहम्‍मद अकबर लोन और हसनैन मसूदी ने सुप्रीम कोर्ट से अनुच्‍छेद 370 पर राष्‍ट्रपति के आदेश को ‘असंवैधानिक’ करार देने का निर्देश मांगा है. पार्टी ने जम्‍मू-कश्‍मीर पुनर्गठन एक्‍ट, 2019 को भी ‘असंवैधानिक’ करार दिए जाने की मांग याचिका में की है.

गृह मंत्रालय ने जम्‍मू-कश्‍मीर में विरोध-प्रदर्शनों पर कुछ मीडिया हाउसेज की ओर से आईं रिपोर्ट्स का खंडन किया है. मंत्रालय ने साफ किया है कि ‘श्रीनगर में 10,000 लोगों के प्रदर्शन की मीडिया रिपोर्ट्स हैं. यह पूरी तरह से मनगढ़ंत और झूठी बात है. श्रीनगर/बारामूला में कुछ छिटपुट प्रदर्शन हुए हैं और एक भी में 20 से ज्‍यादा लोग नहीं थे.’

जम्‍मू-कश्‍मीर में ईद को देखते हुए प्रतिबंधों में थोड़ी ढील दी जा सकती है. जम्‍मू से पहले ही धारा 144 हटा ली गई है. वहां के स्‍कूल-कॉलेज आज खुल जाएंगे. ईद के मद्देनजर हल्‍की-फुल्‍की खरीदारी भी शुरू हो गई है. खुले मैदान में हजारों की संख्या में नमाज अदा करने की अनुमति देने के संबंध में अभी तक कोई घोषणा नहीं की गई है.

Jammu and Kashmir News Live Updates:

  • सीडब्ल्यूसी की बैठक से निकलकर राहुल गांधी का सवाल, जम्मू कश्मीर  के हालात पर पीएम से मांगा जवाब
  • अनंतनाग की भेड़ मंडी भी गए अजीत डोभाल
  • एनएसए चीफ अजीत डोभाल ने अनंतनाग का दौरा गिया. इस दौरान उन्होंने बच्चों से मुलाकात भी की.
  • ANI ने श्रीनगर और रीसी की कुछ तस्‍वीरें जारी की हैं जिनमें जनजीवन सामान्‍य दिख रहा है.

  • इस्लामाबाद ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) तथा जम्मू एवं कश्मीर से लगती अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर तत्काल दर्जन भर आतंकी शिविर फिर से सक्रिय कर दिए हैं. पेरिस स्थित अंतरसरकारी संस्थान फाइनेंशियलएक्शन टास्क फोर्स (FATF) द्वारा दी गई मई 2019 तक की समयसीमा को देखते हुए लगभग पूरी तरह बंद हुए इन आतंकी शिविरों में पिछले सप्ताह के दौरान काफी ज्यादा गतिविधियां देखी गईं.
  • नियंत्रण रेखा (LoC) से लगे पीओके क्षेत्र के कोटली, रावलकोट, बाघ और मुजफ्फराबाद में आतंकी शिविर प्रत्यक्ष रूप से पाकिस्तानी सेना के सहयोग से दोबारा सक्रिय हो गए हैं जिसे देखते हुए भारतीय सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है.
  • राजौरी में भी कर्फ्यू में ढील दी जाएगी. डीएम राजौरी के मुताबिक, सुबह 9 से 11 बजे खेउरा से बेला तक कर्फ्यू में ढील रहेगी. सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक जवाहर नगर एरिया में कर्फ्यू को हल्‍का किया जाएगा.
  • प्रशासन के साथ ही सुरक्षा एजेंसियों ने पुख्ता इंतजाम किए हैं. सुरक्षा एजेंसियों ने राष्ट्र विरोधी तत्वों से प्रभावित दक्षिण कश्मीर में कम से कम चार प्रमुख स्थानों की पहचान की है. यहां 12 अगस्त से पहले नागरिकों पर लगाए गए प्रतिबंध हटाए जाने की संभावना है. J&K राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने भी आश्वस्त किया है कि कश्मीर घाटी में शांति के साथ ईद मनाई जाएगी. उन्होंने कहा, ‘कश्मीर घाटी में शांति के साथ ईद मनाई जाएगी. धीरे-धीरे हालात सामान्य होने की तरफ बढ़ रहे हैं. लोगों को मिल रही सुविधाओं की समीक्षा होगी.’
  • विशेष खुफिया जानकारी के बाद J&K के 100 से ज्यादा कैदियों को श्रीनगर, कठुआ (हीरानगर) और जम्मू की जेलों से उत्तर प्रदेश और हरियाणा के केंद्रीय कारागारों में ट्रांसफर कर दिया गया है. घाटी में ऐसे और कैदियों की पहचान की जा रही है जिन्हें हाल ही में दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटे गए जम्मू-कश्मीर से बाहर दूसरे राज्यों की उच्च सुरक्षा वाली जेलों में भेजा जाएगा. श्रीनगर से 70 कैदियों, जम्मू से 10 कैदियों, कठुआ से पांच कैदियों और बांकी घाटी की अन्य जेलों से कैदियों को उत्तर प्रदेश और हरियाणा के केंद्रीय कारागारों में भेजा गया है.
  • पिछले महीने की तुलना में सीमा नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर इस महीने में पाकिस्तान द्वारा संघर्ष विराम उल्लंघनों की संख्या काफी कम रही है. संघर्ष विराम उल्लंघन जुलाई के अंत तक 272 का आंकड़ा छू गया था. इनकी संख्या इस कैलेंडर वर्ष के किसी भी एक महीने में सबसे अधिक रही थी. जुलाई संयोगवश वह महीना था, जिसमें पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वाशिंगटन में मुलाकात की थी.
  • उद्योग चेंबर CII के प्रेसिडेंट-डेजिगनेट उदय कोटक ने शुक्रवार को सरकार को आश्वासन दिया कि सीआईआई नवनिर्मित केंद्र शासित प्रदेशों (यूटीज)- जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख में निवेश और विकास में मदद करेगी. कोटक, कोटक महिंद्रा बैंक के मुख्य कार्यकारी और प्रबंध निदेशक भी हैं, उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतरमण की कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) के साथ बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, “सीआईआई ने सरकार और वित्त मंत्री से कहा है कि यूटीज में निवेश की पहल का समर्थन करेगी.”
  • जम्मू-कश्मीर की जेलों में बंद अधिकांश पाकिस्तान समर्थक कई कोर ग्रुप के आतंकियों और अलगाववादी नेताओं को प्रदेश से बाहर दूसरे राज्यों की जेलों में भेजा गया है. यह कदम सुरक्षा के लिहाज से उठाया गया है क्योंकि अनुच्छेद 370 निरस्त किए जाने के बाद ये आतंकी और अलगाववादी नेता जम्मू-कश्मीर की जेलों के भीतर और बाहर हिंसात्मक विरोध प्रदर्शन शुरू करने वाले थे.

ईद की नमाज के दौरान तनाव की आशंका

  • एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने कहा, “कुछ क्षेत्रों में ईद की नमाज के दौरान तनाव की काफी संभावना है. अतीत में भी अशांति के गवाह रहे शोपियां, पुलवामा, अनंतनाग और सोपोर के ऐसे कुछ हिस्सों की पहचान की गई है.” अधिकारी ने कहा, “सुरक्षा एजेंसियां अशांत क्षेत्रों में शांति बनाए रखने के लिए अलर्ट रहेंगी. सेना का स्थानीय पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के साथ तालमेल रहेगा. स्थानीय पुलिस और अर्धसैनिक बल भीड़ नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सेना का सहयोग करेंगे.”
  • Jammu and Kashmir News: राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के केंद्र सरकार के फैसले के बाद पांच अगस्त से ही कश्मीर घाटी में भारी संख्या में सैन्य तैनाती की गई है. गौरतलब है कि भारतीय संसद द्वारा जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद-370 को रद्द करने वाला विधेयक पारित होने के बाद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने पुलवामा जैसी एक और घटना होने की चेतावनी दी थी.

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विदेश मंत्रालय ने कड़े शब्‍दों में PAK को समझाया

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “पाकिस्तान के लिए समय है कि वह सच को स्वीकार कर ले (अनुच्छेद 370 को हटा दिया गया है.) और भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप बंद करे.” उन्होंने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लिए जाने के बाद पाकिस्तान को चिंता है कि अब वह वहां कश्मीरी लोगों को गुमराह कर आतंक के लिए प्रेरित नहीं कर सकेगा.

रवीश कुमार ने कहा कि पाकिस्तान इस बात से भी खफा है कि भारत सरकार ने वहां विकास के लिए कई योजनाएं बनाई है, जिसे सरकार अब राज्य में पूरा कर सकेगी. उन्होंने जोर देकर कहा, “हम चाहते हैं कि पाकिस्तान यह समझे कि जम्मू एवं कश्मीर से जुड़े सभी मुद्दे भारत के आंतरिक मामले हैं और यह भारत की संप्रभुता से संबंधित एक मामला है.” रवीश ने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर में चिंताजनक स्थिति की तस्वीर पेश करने की पाकिस्तान की कोशिश कहीं भी सफल नहीं हुई है.

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