जब पार्टी के बड़े नेता हिरासत में हो तो उपचुनाव लड़ने का क्या मतलब: नेशनल कॉन्फ्रेंस

नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रवक्ता इमरान नबी डार ने कहा कि पंचायत चुनाव लड़ने का कोई मतलब नहीं है, जब पार्टी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और महासचिव नजरबंद हैं. उन्होंने कहा कि वे ही चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों पर हस्ताक्षर करते हैं.
Jammu kashmir National conference statement on by election, जब पार्टी के बड़े नेता हिरासत में हो तो उपचुनाव लड़ने का क्या मतलब: नेशनल कॉन्फ्रेंस

जम्मू-कश्मीर में पंचायत उपचुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) ने एक बयान जारी कर चुनावों में हिस्सा लेने पर ऐतराज जताया है. NC ने कहा कि जब आर्टिकल 370 हटने के बाद से ही शीर्ष नेता जेल में हो, तो फिर चुनाव लड़ने का कोई मतलब ही नहीं.

नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रवक्ता इमरान नबी डार ने कहा कि पंचायत उपचुनाव लड़ने का कोई मतलब नहीं है, जब पार्टी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और महासचिव नजरबंद हैं. उन्होंने कहा कि वे ही चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों पर हस्ताक्षर करते हैं.

वहीं पीडीपी के सूत्रों ने बताया के पार्टी की टॉप लीडरशिप ने पंचायच उपचुनाव लड़ने पर अभी कोई फैसला नहीं लिया है. मालूम हो कि आर्टिकल 370 हटने के बाद से ही PDP के भी बड़े नेता अभी तक हिरासत में हैं.

जम्मू-कश्मीर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी शैलेंद्र कुमार ने गुरुवार को बताया कि जम्मू-कश्मीर में रिक्त 13,000 पंचायत सीटों के लिए उपचुनाव 5 मार्च से शुरू होने वाले हैं. उपचुनाव 8 चरणों में होंगे.

बता दें कि आखिरी बार जम्मू-कश्मीर में पंचायत चुनाव 2018 में हुए थे, तब कश्मीर के मुख्य राजनीतिक दल पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस ने इन चुनावों का बहिष्कार किया था.

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