JDU को नहीं मिला ‘तीर’ निशान तो मांगा ये चिह्न, ट्रोल हुए सीएम नीतीश, कहा- खाली बोतल ठीक रहेगा

चुनाव चिह्न नहीं मिलने को लेकर लोग सोशल साइट्स पर नीतीश कुमार की पार्टी का ख़ूब मज़ाक उड़ा रहे हैं.

नई दिल्ली: जनता दल यूनाइटेड ने झारखंड मुक्ति मोर्चा की आपत्ति पर राज्य में ‘तीर’ का अपना चुनाव चिह्न वापस लिये जाने के बाद अब चुनाव आयोग से ‘ट्रैक्टर पर बैठे किसान’ का चुनाव चिह्न मांगा है. पार्टी के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष सालखन मुर्मू ने शुक्रवार को कहा कि चुनाव आयोग से झारखंड के लिए उनकी पार्टी ने यह नया चुनाव चिह्न मांगा है. मुर्मू ने एक बार फिर से जेडीयू का चुनाव चिह्न राज्य में जब्त किये जाने की मांग करने के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा की आलोचना की और आरोप लगाया कि यह बदले की कार्रवाई के तहत झामुमो ने किया है.

इस साल जून में चुनाव आयोग ने बिहार में जेडीयू की शिकायत पर झामुमो का तीर-धनुष का चुनाव चिह्न जब्त कर लिया था. उसी के बदले में झामुमो ने जेडीयू के खिलाफ चुनाव आयोग में ऐसी ही शिकायत झारखंड के लिए की थी.

मुर्मू ने बताया कि राज्य के पार्टी कार्यकर्ताओं में आगामी चुनावों के लिहाज से विश्वास भरने के लिए पार्टी अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को रांची का दौरा करेंगे. उन्होंने यह भी घोषणा की कि झारखंड में आगामी विधानसभा चुनाव जेडीयू अपने बूते पर अकेले लड़ेगी. झारखंड में इस साल अक्तूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है.

सोशल साइट्स पर उड़ रहा मज़ाक

हालांकि चुनाव चिह्न नहीं मिलने को लेकर लोग सोशल साइट्स पर नीतीश कुमार की पार्टी का ख़ूब मज़ाक उड़ा रहे हैं. उमंग मिश्रा नाम के एक ट्विटर यूज़र ने लिखा है कि खाली बोतल ज़्यादा सही चुनाव चिन्ह रहेगा.

वहीं प्रभु पटेरिया नाम के अन्य ट्विटर यूजर ने लिखा, भरी बोतल चाहिए हो तो मध्यप्रदेश से भेजी जा सकती है. हमारे यहां “बोतल” से कमाई की जंग छिड़ी हुई है.

एक अन्य ट्विटर यूजर ने लिखा, ‘कुर्सी ज्यादा बेहतर रहेगा.’

मुकेश कुमार नाम के एक यूजर ने लिखा, ‘ट्रैक्टर के ड्राइवर को हेलमेट और सीट बेल्ट नही लगाना पड़ता है तो चालान भी नहीं कटेगा और कुर्सी कुमार की कुर्सी भी बच जाएगी.’