शिवसेना, मास्टर स्ट्रैटेजिस्ट से ले रही थी ज्ञान, देख लीजिए नतीजा; जेडीयू नेता ने किस पर कसा तंज

महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर घमासान जारी है. माना जा रहा है कि शिवसेना ने प्रशांत किशोर की सलाह के बाद ही बीजेपी से अलग होने का फ़ैसला लिया.

चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की चर्चा आम तौर पर बतौर चाणक्य होती रही और सभी ने उनकी रणनीति का लोहा माना. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नीतीश कुमार-लालू यादव गठबंधन, कैप्टन अमरिंदर सिंह और जगन मोहन रेड्डी जैसे दलों और नेताओं की कामयाबी इस बात की गवाही देते रहे हैं. लेकिन अब हालात बदल रहे हैं.

महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर घमासान जारी है. माना जा रहा है कि शिवसेना ने प्रशांत किशोर की सलाह के बाद ही बीजेपी से अलग होने का फ़ैसला लिया. इस फ़ैसले को लेकर लोग सोशल साइट्स पर प्रशांत किशोर का मज़ाक बना रहे हैं.

जेडीयू (जनता दल यूनाइटेड) के बाग़ी नेता डॉ. अजय आलोक ने प्रशांत किशोर पर टिप्पणी करते हुए लिखा, ‘एक हैं मास्टर स्ट्रैटेजिस्ट. पिछले कुछ दिनो से शिव सेना उनसे ज्ञान ले रही थी नतीजा सब देख रहे हैं -अब महामहिम ने और समय नहीं दिया. लगता है इस पहलू पे मास्टर साहब ने ध्यान नहीं दिया होगा. नतीजा ना तीन में ना तेरह में. कहते हैं ना गफ़लत में सब गए , माया मिली ना राम. जय मातर साब.’

वहीं जितेंद्र सिंह नाम के एक ट्विटर यूजर ने लिखा, ‘शिवसेना की हालत धोबी का कुत्ता न घर का न घाट का वाली हो गई है. न हिंदुत्ववादी बन पा रहे न कांग्रेस के लिए सेकुलर. कभी बीजेपी के तरफ कभी कांग्रेस की तरफ. पप्पू का असर हो रहा है.’

बता दें कि महाराष्ट्र में सरकार गठन की कोशिश जारी है. शिवसेना के 24 घंटे पूरे होने के बाद राज्यपाल ने एनसीपी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रण भेजा है. इससे पहले कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि महाराष्ट्र में शिवसेना को सरकार बनाने के लिए समर्थन देने से पहले नो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) से बात करेगी.

ऐसे में मंगलवार का दिन महाराष्ट्र की राजनीति के लिहाज़ से काफी अहम माना जा रहा है.