कर्ज़ में डूबी जेट एयरवेज़ को एक और बड़ा झटका, अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों पर लाल झंडी

पहले से ही हिचकोले खा रही जेट एयरवेज़ को एक और झटका लगा है. अचानक ही उसने अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया है.

जेट एयरवेज़ के यात्रियों के लिए बुरी खबर है. वित्तीय घाटे से जूझ रही कंपनी की तमाम उड़ानें रद्द हो गई हैं. इनमें खास तौर पर अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों को अनिश्चितकाल के लिए रद्द कर दिया गया है. कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल सुबह की अंतर्राज्यीय उड़ानें जारी रहेंगी लेकिन अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों को बंद कर दिया गया है.

पहले से टिकट बुक करा चुके यात्रियों को जेट के फैसले से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. यात्रियों ने बताया कि उन्हें फ्लाइट कैंसिल किए जाने का कोई मैसेज तक नहीं मिला. एयरपोर्ट पहुंचने के बाद भी सही जानकारी नहीं मिल पा रही. यात्रियों को एयरपोर्ट पर ही बैठकर इंतज़ार करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.

जेट ने पूर्वी और उत्तर-पूर्व राज्यों की फ्लाइट भी रोक दी हैं. उधर जेट एयरवेज़ के हिस्सा बिक्री की नीलामी आज होने जा रही है. अब तक बोली लगाने के लिए कोई सामने नहीं आया है. कहा जा रहा है कि खुद नरेश गोयल ही कंपनी को संभालने आगे आ सकते हैं. उन्होंने इसके लिए पंजाब नैशनल बैंक से मदद मांगी है. वो एयरलाइन में हिस्सेदारी के लिए शुरूआती बोली जमा कर सकते हैं.

प्रभु ने दिए समीक्षा के निर्देश
नागर विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने नागर विमानन सचिव को जेट एयरवेज से संबंधित मुद्दों की समीक्षा करने और यात्रियों को हो रही असुविधा को कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया है. यह बयान कर्ज में डूबी एयरलाइन द्वारा गुरुवार को एक रात के लिए अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें रद्द करने के बाद सामने आया है.

अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए ये है जरूरत
विमानों की संख्या घटने से अंतर्राष्ट्रीय परिचालन रद्द होने की आशंका गुरुवार को जताई गयी थी. आधिकारिक सूत्रों ने बताया था कि एयरलाइन इस समय सिर्फ 14 विमानों का परिचालन कर रही है, जबकि पिछले सप्ताह कंपनी के परिचालन में 26 विमान थे. नियमों के अनुसार अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों का परिचालन करने के लिए एयरलाइन के पास कम से कम 20 विमान होने चाहिए.

नकदी संकट से जूझ रही जेट एयरवेज
हाल तक एयरलाइन 26 विमानों का परिचालन करती थी जिनमें लंदन, टोरंटो, सिंगापुर, एम्स्टर्डम, पेरिस, बैंकॉक और घरेलू क्षेत्र में मुंबई-दिल्ली व अन्य जगहों की उड़ानों के लिए एयरबस ए-330, बोइंग-777, 737-800 और एटीआर शामिल थे. इन 26 विमानों में से कंपनी के पास 16 विमान हैं. जेट एयरवेज गंभीर नकदी संकट से जूझ रही है जिसके कारण इसका परिचालन प्रभावित हुआ है और कई विमान परिचालन से बाहर हो गए हैं.