आज रात से जेट एयरवेज की सभी उड़ानें बंद, बैंकों ने नहीं दिया 400 करोड़ का कर्ज

मंगलवार सुबह जेट के बोर्ड की तीन घंटे तक बैठक हुई. बैंकों से मदद नहीं मिलने के कारण मैनेजमेंट ने बोर्ड के सामने कुछ दिन के लिए ऑपरेशन पूरी तरह बंद करने का प्रस्ताव रखा था.

नई दिल्ली: कर्ज संकट से जूझ रही जेट एयरवेज कर्मचारियों के लिए बुरी खबर है. एयरलाइन ने फैसला किया है कि वो बुधवार रात से ही अपनी सभी उड़ानें बंद करेगी. एयरलाइन ने ये फैसला इसलिए किया क्योंकि जेट एयरवेज के सीईओ ने एसबीआई को पत्र लिखकर तुरंत 400 करोड़ रुपए मांगे थे. पैसे नहीं मिलने पर बोर्ड ने सभी उड़ानें बंद किए जाने का प्रस्ताव रखा था.

मंगलवार को जेट के सिर्फ 5 विमानों ने उड़ान भरी थी. मंगलवार सुबह जेट के बोर्ड की तीन घंटे तक बैठक हुई. बैंकों से मदद नहीं मिलने के कारण मैनेजमेंट ने बोर्ड के सामने कुछ दिन के लिए ऑपरेशन पूरी तरह बंद करने का प्रस्ताव रखा था.

सैलरी के लिए तरस रहे हैं पायलट
तीन महीने से एयरलाइन के पायलटों को सैलरी नहीं मिली है. इस कारण नाराज पायलटों ने फिर चेतावनी दी है. उनके संगठन नेशनल एविएटर्स गिल्ड के वाइस प्रेसिडेंट असीम वलियानी ने कहा कि एसबीआई पैसे देने को लेकर गंभीर नहीं है. संगठन दिवालिया कानून के तहत एनसीएलटी में अपील कर सकता है.

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इतने पायलट छोड़ चुके हैं नौकरी
सूत्रों के मुताबिक एयरलाइन पर आर्थिक संकट बढ़ने के बाद 400 पायलट नौकरी छोड़ चुके हैं. अब जेट के पास 1,300 पायलट रह गए हैं. उड्‌डयन सचिव प्रदीप सिंह खरोला ने बताया कि एविएशन रेगुलेटर डीजीसीए ने मंगलवार को 40 रूटों पर किराए की समीक्षा की. पता चला कि जेट की गैर-मौजूदगी से 10 रूटों पर किराया 10-30% तक बढ़ गया है. सभी एयरलाइंस से इसे घटाने को कहा गया है.

जेट एयरवेज का विवाद
जेट पर 15,500 करोड़ का बकाया है.
इनमें से 3,500 करोड़ लीजिंग फर्मों के है.
इनमें से 3,500 करोड़ कैंसिल टिकट के है.
इनमें से 8,500 करोड़ कर्ज देने वाले बैंकों के है.

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नीलामी से बाहर हुए गोयल
जेट एयरवेज की नीलामी से इसके संस्थापक नरेश गोयल बाहर हो गए हैं. सूत्रों के मुताबिक एयरलाइन के लिए शुरुआती बोली लगाने वाली कंपनियों एतिहाद एयरवेज और टीपीजी कैपिटल ने गोयल के नाम पर आपत्ति जताई थी. उनका कहना था कि अगर गोयल रहे, तो वे नीलामी में आगे भाग नहीं लेंगे.

गोयल की हिस्सेदारी
गोयल एयरलाइन के चेयरमैन पद और बोर्ड से भी इस्तीफा दे चुके हैं. अभी जेट में गोयल की 51% और एतिहाद की 24% हिस्सेदारी है. हालांकि गोयल करीब 31.2% शेयर बैंकों के पास गिरवी रख चुके हैं. एतिहाद ने पहले भी जेट में नए इन्वेस्टमेंट के लिए गोयल के बाहर जाने की शर्त रखी थी. यह ओपन ऑफर से भी छूट चाहती है. नियम है कि कंपनी में किसी की हिस्सेदारी 25% हो जाए तो उसे और 20% शेयर खरीदने के लिए ओपन ऑफर लाना पड़ता है.

जेट एयरवेज के सीओए ने इस बात की पुष्टि करते हुए लिखा है कि मैं भारी मन से आप लोगों के साथ ये शेयर कर रहा हूं कि अब जेट एयरवेज की सभी उड़ानों को स्थायी रुप से रोक दिया गया है. सीओए ने कहा कि आर्थिक तंगहाली के कारण ऐसा भारी भरकम फैसला लिया गया है. उन्होंने कहा कि जेट एयरवेज से 25 साल तक देश विदेश के लोगों को सुविधाएं प्रदान की है लेकिन अब ये संभव नहीं हो पा रहा है. आशा जताते हुए सीओए ने कहा कि हम जल्द ही जेट एयरवेज को आगे ले जाने का प्रयास करेंगे.