NDA से दूर जाने की अटकलों के बीच, जीतन राम मांझी के ‘करीब’ नजर आए नीतीश कुमार

बिहार में दावत ए इफ्तार की राजनीति आज भी जारी है. इफ्तार के बहाने नए राजनीतिक समीकरण की तलाश हो रही है. आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जीतन राम मांझी की इफ्तार में पहुंचे.
जीतन राम मांझी नीतीश कुमार, NDA से दूर जाने की अटकलों के बीच, जीतन राम मांझी के ‘करीब’ नजर आए नीतीश कुमार

पटना: बिहार में माह-ए-रमजान के मौके पर राजनीतिक दलों द्वारा ‘दावत-ए-इफ्तार’ का आयोजन करने की पंरपरा पुरानी है, लेकिन इस वर्ष आयोजित दावतों में दोनों गठबंधनों ती तरफ से नए सियासी पैगाम आने लगे हैं. दोनों गठबंधनों के नेता हालांकि इसे मानने को तैयार नहीं हैं. रविवार को जीतन राम मांझी जदयू की इफ्तार पार्टी में देखे गए थे. इसके बाद से ही सियासी घमासान मच गया था. सोमवार को जीतन राम मांझी ने इफ्तार पार्टी रखी. इस इफ्तार पार्टी में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को देखा गया. दोनों के बीच बढ़ती हुई दोस्ती बिहार की राजनीति में एक नई कहानी लिखने के लिए तैयार दिख रही है.

कई नेता भले ही इन आयोजनों को राजनीति से दीगर बात बता रहे हों, लेकिन अगले साल होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर इस बार की दावत-ए-इफ्तार कई संदेश भी दे रही है.

इफ्तार का पुराना इतिहास
पिछले वर्ष की तरह इस बार भी पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के 10, सर्कुलर रोड स्थित आवास पर रविवार को आयोजित इफ्तार पार्टी में महागठबंधन के कई नेता पहुंचे, लेकिन लोकसभा चुनाव में पार्टी का नेतृत्व कर चुके और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष का दायित्व निभा रहे तेजस्वी प्रसाद यादव नजर नहीं आए. हालांकि, राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद के बड़े पुत्र तेजप्रताप कई दिनों के बाद इस अवसर पर अपनी मां के आवास पर जरूर नजर आए.

राबड़ी देवी ने की मेजबानी
इस दावत-ए-इफ्तार में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने मेजबानी निभाते हुए मेहमानों का स्वागत किया. इधर, बिहार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सहयोग से सरकार चला रही जद (यू) द्वारा रविवार को दी गई इफ्तार पार्टी में पूर्व मुख्यमंत्री व हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के प्रमुख जीतनराम मांझी तो अवश्य शामिल हुए, लेकिन भाजपा का कोई भी नेता या विधायक का नहीं पहुंचा. इससे कई सवालों को हवा मिलने लगी है. रविवार को उपमुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी द्वारा आयोजित इफ्तार पार्टी में भाजपा के सभी नेता तो पहुंचे, लेकिन केंद्रीय मंत्रिमंडल में जद (यू) को सांकेतिक स्थान दिए जाने की पेशकश से नाराज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जद (यू) का कोई भी नेता शामिल नहीं हुआ.

भाजपा नेता सुशील मोदी का बयान
भाजपा नेता सुशील मोदी हालांकि कहते हैं कि यह एक धार्मिक आयोजन है, इसका राजनीतिक अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए. उन्होंने एकबार फिर दोहराया कि राजग में कहीं से कोई विवाद नहीं है. उन्होंने कहा कि लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) द्वारा सोमवार को दावत-ए-इफ्तार का आयोजन किया गया है, जिसमें सभी लोग जुटेंगे. उन्होंने कहा कि रविवार को ही जद (यू), भाजपा और राजद की तरफ से इफ्तार पार्टी का आयोजन हो गया, जिससे परेशानी हुई है.

बात तो कुछ और ही है जनाब
भाजपा के नेता भले ही इसके इसका राजनीतिक मतलब न निकाले जाने की बात कह रहे हों, लेकिन रिश्तों में ‘तल्खी’ जरूर दिख रही है. इधर, भाजपा के नेता के बयानों से उलट कांग्रेस के नेता प्रेमचंद मिश्रा ने कहा कि भाजपा और जद (यू) के एक-दूसरे की इफ्तार पार्टी में नहीं जाना राजग की स्थिति को स्पष्ट कर रहा है.  वैसे, जद (यू) के प्रवक्ता अजय आलोक कहते हैं, “महागठबंधन को अपने घर में देखना चाहिए. मांझी जी के आने के बाद से ही महागठबंधन में बेचैनी है. अभी तो एक ही आए हैं, कई और आएंगे.”

दोस्त-दोस्त न रहा
उल्लेखनीय है कि जद (यू)-भाजपा के बीच तल्खी की शुरुआत तब शुरू हुई, जब नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण समारोह के कुछ घंटे पहले मुख्यमंत्री ने जद (यू) को इसमें सांकेतिक रूप से शामिल किए जाने के ‘ऑफर’ को ठुकराते हुए मंत्रिमंडल में शाामिल नहीं होने की घोषणा की. इसके दो दिन बाद ही बिहार में नीतीश कुमार ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया, जिसमें भाजपा के एक भी विधायक को शामिल नहीं किया गया.

नहीं बनेगी मोदी सरकार का हिस्सा
जद (यू) ने इसके बाद स्पष्ट कहा कि भविष्य में भी वह मोदी सरकार का हिस्सा नहीं बनेगी. बहरहाल, रमजान के इस पाक महीने में बिहार में जो नई तस्वीर उभरी है, वह बिहार के सियासी तस्वीर को कितना बदलती है, यह तो आने वाला समय ही बतलाएगा, मगर खुशी के पैगाम वाले ईद के त्योहार की तैयारी में ‘दावत-ए-इफ्तार’ पर भी सियासत करवटें लेती दिख रही है.

जीतन राम मांझी की इफ्तार में पहुंचे सीएम नीतीश
बिहार में दावते इफ्तार की राजनीति आज भी जारी है. इफ्तार के बहाने नए राजनीतिक समीकरण की तलाश. आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहुंचे जीतन राम मांझी की इफ्तार में. कल मांझी पहुंचे थे जदयू के इफ्तार में. भाजपा और जदयू के बीच पड़ी दरार के बीच इन नजदीकियों को आने वाले समय में एक नए राजनीतिक समीकरण के रूप में देखा जा रहा है. जीतन राम मांझी की आज की इफ्तार में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और तेजप्रताप भी पहुंचे थे लेकिन मुख्यमंत्री के पहुंचने के पहले राबड़ी देवी वहां से निकल चुकी थी. जब नीतीश कुमार मांझी के आवास पहुंचे तो मांझी ने उन्हें गले लगाकर उनका स्वागत किया.

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