नागरिकता से राज्यों का कोई लेना-देना नहीं, ये केंद्र का मसला है, ना कहना समझ से परे: जितेंद्र सिंह

जितेंद्र सिंह ने कहा कि 'मुझे नहीं लगता कि किसी राज्य सरकार के पास इसे लागू करने की राह में रोड़े अटकाने का कोई अधिकार है.'

नागरिकता कानून को लेकर दिल्ली, असम और पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में हिंसक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. साथ ही राजनीतिक दलों के आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है. इसी सिलसिले में पीएमओ में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा है कि ‘उन्हें समझ नहीं आता कि कैसे कुछ राज्य यह कह सकते हैं कि वे नए नागरिकता कानून को लागू नहीं करेंगे.’

उन्होंने ने कहा, “कुछ राज्य कह रहे हैं कि वे नागिरकता संशोधन कानून को लागू नहीं करेंगे, यह मेरे समझ से परे है क्योंकि यह केंद्र का विषय है. मुझे नहीं लगता कि किसी राज्य सरकार के पास इसे लागू करने की राह में रोड़े अटकाने का कोई अधिकार है.”

Jitendra Singh Statement, नागरिकता से राज्यों का कोई लेना-देना नहीं, ये केंद्र का मसला है, ना कहना समझ से परे: जितेंद्र सिंह

सिंह ने हिंसक प्रदर्शनों पर कहा कि ‘पहले के मुकाबले स्थिति अच्छी हुई है. कुछ गलत इरादे वाले लोग अपनी राजनीति लिए स्थिति का फायदा उठा रहे हैं. इसमें कांग्रेस का बड़ा हाथ है.’

गौरतलब है कि दक्षिण दिल्ली में नाराज भीड़ ने रविवार को पेट्रोल बम से पुलिस कर्मियों, आम नागरिकों व मीडिया को निशाना बनाया. नाराज भीड़ ने दक्षिणी दिल्ली को कब्जे में ले लिया.
प्रदर्शनकारियों के हिंसक होने व पुलिस के साथ झड़प के पांच घंटे बाद पुलिस ने जामिया नगर में फ्लैग मार्च किया. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागे.

हिंसक भीड़ ने पुलिसकर्मियों की बड़ी टुकड़ी से संघर्ष किया और मीडिया पर भी पथराव किया. जामिया मेट्रो स्टेशन युद्ध क्षेत्र में बदल गया.

Jitendra Singh Statement, नागरिकता से राज्यों का कोई लेना-देना नहीं, ये केंद्र का मसला है, ना कहना समझ से परे: जितेंद्र सिंह

वास्तव में विरोध प्रदर्शन को मध्य दिल्ली में फैलाने की कोशिश रही. छात्र संघों ने सभी छात्रों व दिल्ली के नागरिकों को रात 9 बजे दिल्ली पुलिस मुख्यालय पर एकत्र होने का आग्रह किया, जिससे ‘जामिया में अघोषित आपताकाल को तुरंत हटाया जाए.’ जेएनयू छात्रों को भी साबरमती ढाबा पर एकत्र होने के लिए कहा गया.

नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को लेकर रविवार को प्रदर्शन के हिंसक हो जाने पर राष्ट्रीय राजधानी के निवासियों व राहगीरों को अपनी जान बचाने के लिए भागना पड़ा. करीब 1,000 लोगों की भीड़ ने सीएए को लेकर प्रदर्शन किया.

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