जम्मू के इन इलाकोंं में लैंडलाइन फोन सेवा बहाल, 370 हटाने के बाद हुई थी बंद

जम्मू्-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के फैसले के बाद से लागू प्रतिबंधों की वजह से घाटी के हाई स्कूल तीन हफ्ते से ज्यादा समय से बंद थे.

नई दिल्ली: कश्मीर घाटी के उन क्षेत्रों में बुधवार को हाई स्कूल खोल दिए गए जहां पर प्रतिबंधों में ढील दी गई है. बहरहाल, छात्र नदारद रहे. सुधरते हालात के मद्देनजर अधिकतर इलाकों में लैंडलाइन फोन सेवा बहाल कर दी गई है. हालांकि, ये सेवाएं जम्मू के पांच जिलों- डोडा, किश्तवाड़, रामबन, राजौरी और पुंछ में शुरू की गई हैं. अनुच्छेद-370 के तहत जम्मू-कश्मीर को मिले विशेष दर्जे को खत्म करने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांटने के केंद्र के 5 अगस्त के फैसले के बाद से बीएसएनएल ब्रॉडबैंड एवं निजी लीज लाइन इंटरनेट सहित मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं बंद हैं.

घाटी के 81 थाना क्षेत्रों से लोगों के आवाजाही पर लगी रोक भी अब हटा ली गई है. स्कूलों की स्थिति पर जानकारी देते हुए शिक्षा के निदेशक यूनिस मलिक ने मंगलवार को बताया कि पूरी घाटी में 3,037 प्राथमिक और 774 मिडल स्कूल खोल दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि गत एक हफ्ते में स्कूलों में बच्चों और शिक्षकों की उपस्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है. अधिकारियों ने बताया कि घाटी में संचार पर रोक में कुछ हद तक ढील गई है.

जम्मू्-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के फैसले के बाद से लागू प्रतिबंधों की वजह से घाटी के हाई स्कूल तीन हफ्ते से ज्यादा समय से बंद थे. अधिकारियों ने बताया कि आज सबुह हाई स्कूल खोल दिए गए. बहरहाल इन स्कूलों में कर्मचारियों की सीमित उपस्थिति देखी गई.

इससे पहले मंगलवार को जम्मू-कश्मीर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की निदेशक सेहरिश असगर ने कहा था, ‘‘शिक्षा विभाग ने कल से घाटी के उन इलाकों में सभी हाई स्कूलों को खोलने का फैसला किया है जहां प्रतिबंधों में ढील दी गई है.’’