Kanhaiya Kumar In JNU Sedition case, फिर लटका JNU देशद्रोह मामला, कोर्ट ने दिल्ली सरकार को दिया एक महीने का वक्त
Kanhaiya Kumar In JNU Sedition case, फिर लटका JNU देशद्रोह मामला, कोर्ट ने दिल्ली सरकार को दिया एक महीने का वक्त

फिर लटका JNU देशद्रोह मामला, कोर्ट ने दिल्ली सरकार को दिया एक महीने का वक्त

दिल्ली पुलिस ने इसी साल 14 जनवरी को देशद्रोह मामले में JNU के पूर्व छात्र कन्हैया कुमार समेत 10 लोगों के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किया था.
Kanhaiya Kumar In JNU Sedition case, फिर लटका JNU देशद्रोह मामला, कोर्ट ने दिल्ली सरकार को दिया एक महीने का वक्त

दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने JNU राष्ट्रद्रोह मामले में चार्जशीट में सेंगशन पर दिल्ली सरकार को फैसला लेने के लिए एक महीने का समय दिया है. कोर्ट ने कहा कि, हम उम्मीद करते हैं कि दिल्ली सरकार एक महीने में दिल्ली पुलिस को इस मामले में अनुमति देने न देने का निर्णय ले लेगी. कोर्ट ने अपने आदेश में ये भी कहा है कि जिस तरीके से लगातार चार्जशीट पर सेंगशन में देरी हो रही है और बार-बार मामला टल रहा है, उससे कोर्ट का समय बर्बाद हो रहा है.

मामले में अगली सुनवाई 25 अक्टूबर को होगी.

कोर्ट ने पूछा कि क्या स्टेटस है?

दिल्ली पुलिस ने कहा कि हम स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट को सौप रहे हैं. दिल्ली सरकार से अभी भी हमें सेंगशन नहीं मिली है.

कोर्ट ने पूछा कि मंजूरी कब मांगी गई?

पुलिस ने कहा कि दिल्ली सरकार ने अभी भी हमें बोला है कि चार्जशीट अंदर कंसीडेरेशन है. 14 जनवरी 2019 को चार्जशीट दाखिल हुई उसी दिन मंजूरी मांगी गई.

दरअसल, दिल्ली पुलिस ने इसी साल 14 जनवरी को पटियाला हाउस कोर्ट में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के कथित देशद्रोह मामले में चार्जशीट दाखिल की थी. दिल्ली पुलिस ने JNU के पूर्व छात्र कन्हैया कुमार समेत 10 लोगों के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किया था.

चार्जशीट में किस किस का नाम?

JNU छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार, JNU के पूर्व छात्र सैयद उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य इसके अलावा आकिब हुसैन, मुजीब हुसैन, मुनीब हुसैन, उमर गुल, रईस रसूल, बशारत अली और खालिद बशीर भट के नाम भी चार्जशीट में शामिल है.

कौन-कौनसी धाराओं में है मामला दर्ज?

दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 124ए (देशद्रोह), 323 (जानबूझकर नुकसान पहुंचाना), 465 (जालसाजी के लिए सजा), 471 (नकली दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड), 143 (गैर-कानूनी सभा) 149 (गैर-कानूनी सभा का सदस्य होना), 147 (दंगों का आरोप) और 120बी (आपराधिक साजिश रचना) के तहत आरोप लगाए थे.

कहां फंसा पेंच ?

IPC की धारा 124A यानि देशद्रोह के तहत मामला दर्ज करने के लिए संबंधित राज्य के गृह विभाग से पूर्व मंजूरी की जरूरत होती है लेकिन दिल्ली सरकार के गृह विभाग ने CrPC की धारा 196 के तहत देशद्रोह का मामला दर्ज करने के लिए मंजूरी दिल्ली पुलिस को अभी तक मंजूरी नहीं दी है. जिसकी वजह से कोर्ट मामले में चार्जशीट पर संज्ञान नहीं ले पाया पा रही है.

ये भी पढ़ें- सरकार ने ई-सिगरेट पर लगाया बैन, जानें इसकी पूरी ABCD

Kanhaiya Kumar In JNU Sedition case, फिर लटका JNU देशद्रोह मामला, कोर्ट ने दिल्ली सरकार को दिया एक महीने का वक्त
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