JNU का ‘सर्वर रूम’ कैसे बन गया पूरे विवाद का अड्डा? 5 प्‍वॉइंट्स में पढ़ें

दाखिला प्रक्रिया की जेएनयू छात्रसंघ लगातार विरोध कर रहा था. जो JNU के सर्वर रूम से की जाती है. आरोप है कि शनिवार को जेएनयू छात्र संघ ने सर्वर रूम को लॉक कर दिया था. जेएनयू प्रशासन के मुताबिक कुछ छात्रों ने मास्क पहनकर सर्वर रूम पर कब्जा किया और तकनीकी स्टाफ को बंधक बना लिया.
JNU Server Room, JNU का ‘सर्वर रूम’ कैसे बन गया पूरे विवाद का अड्डा? 5 प्‍वॉइंट्स में पढ़ें

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में रविवार को हुई हिंसा की पूरे देश में निंदा हो रही है. हिंसा और दंगा मामले को लेकर पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. छात्र रात भर से पुलिस मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी कर रहे है. मामाले की गंभीरता को देखते हुए भारी पुलिस बल को तैनात कर दिया है. सियायी बयानबाजी के बीच नेताओं के आने-जाने का दौर जारी है. लेकिन इन सबके बीच ये जानना बेहद जरूरी है कि आखिर इस पूरे विवाद की शुरूआत कैसे हुई.

  1. देश की प्रतिष्ठित संस्थानों में शुमार JNU में पिछले कई दिनों से फीस बढ़ोतरी को लेकर विरोध जारी है. हालांकि सरकार ने आंशिक रूप से फीस में कमी भी की, लेकिन JNU छात्रसंघ पूरी बढ़ी हुई फीस वापस लेने की मांग पर अड़ा है. वहीं प्रशासन की ओर से दाखिला प्रक्रिया शुरू की गई थी.
  2. इसी दाखिला प्रक्रिया की जेएनयू छात्रसंघ लगातार विरोध कर रहा था. जो JNU के सर्वर रूम से की जाती है. आरोप है कि शनिवार को जेएनयू छात्र संघ ने सर्वर रूम को लॉक कर दिया था. जेएनयू प्रशासन ने शनिवार को बयान जारी कर कहा था कि कुछ छात्रों ने मास्क पहनकर सर्वर रूम पर कब्जा कर लिया और तकनीकी स्टाफ को बंधक बना लिया.
  3. इसे लेकर ABVP और लेफ्ट विंग के सदस्यों के बीच हिंसक झड़प हुई. रविवार को छात्र संघ की ओर से साबरमती हॉस्टल से मार्च निकाला जाना था, इसी मार्च के दौरान हिंसक झड़प हुई. रविवार को जेएनयू कैंपस में भारी हिंसा और बवाल शुरू हो गया. जिसे लेफ्ट विंग के छात्र एबीवीपी की ओर से सुनियोजित हमला बता रहे हैं. कुछ नकाबपोश हमलावर कैंपस में दाखिल हुए, छात्रों और शिक्षकों पर लाठियों और डंडों से हमला किया. कई छात्र और शिक्षक घायल हुए.
  4. जेएनयू एबीवीपी के अध्यक्ष दुर्गेश कुमार के मुताबिक रविवार रजिस्ट्रेशन का आखिरी दिन था. 3 दिनों से लेफ्ट यूनियन के छात्रों ने इंटरनेट बंद कर रखा है. हम जब विरोध के लिए गए तो 1000 प्रदर्शनकारी ने एबीवीपी के 50 कार्यकर्ताओं को एडमिन ब्लाक से दौड़ाकर मारा. प्रदर्शनकारियों ने उन्हें साबरमती हॉस्टल में घुसकर मारा है. हमारे कई कार्यकर्ता एम्स और सफदरजंग में भर्ती हैं. 11 कार्यकर्ता लापता हैं.
  5. वहीं जेएनयू छात्रसंघ का कहना है कि उनकी अध्यक्ष आइशी घोष और कई दूसरे स्टूडेंट्स को ABVP के सदस्यों ने पीटा है. कुछ तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए. JNUSU ने दावा किया कि साबरमती और अन्य हॉस्टल में ABVP ने एंट्री कर छात्रों की पिटाई और पथराव किया गया. तोड़फोड़ करने वाले लोगों ने चेहरे पर नकाब पहना हुआ था.

हमले पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस से रिपोर्ट तलब की है. केंद्र ने दिल्ली के उपराज्यपाल से भी हालात की सही जानकारी तुरंत मुहैया कराने को कहा है. घटना में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की टीमें जांच में जुट गई हैं.

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