‘पुलिस वाले ने पटक कर मारा और कहा, अंधा है तो आंदोलन में क्यों आया’, JNU के नेत्रहीन छात्र ने कहा

मीडिया सरकार से सवाल करें मैं अंधा हूं मैं आक्रामक आंदोलन कैसे करूंगा? आप ये चीज समझिए कि ये देश शिक्षा के लिए लड़ रहा है: नेत्रहीन छात्र

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) परिसर के अंदर मंगलवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कुछ टीवी मीडियाकर्मियों और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की हो गई.

इस दौरान SFI के नेत्रहीन छात्र नेता शशिभूषण समद ने कहा कि, मीडिया सरकार से सवाल करें मैं अंधा हूं मैं आक्रामक आंदोलन कैसे करूंगा? जैसी मारपीट की गई वो अब तक नहीं किया, ऐसी लाठी इंद्रिरा गांधी सरकार में हुई थी और अब हुआ. हमें दिव्यांग कहा जाता है और ये व्यवहार किया. हमारे साथियों ने हमें बचाने की कोशिश की.

शशिभूषण ने बताया कि, मुझे पुलिस वाले ने पटक कर मारा, अंधा होने हवाला दिया लेकिन फिर भी पुलिस ने कहा की अंधा है तो आंदोलन में क्यों आया? इसके बाद 5-6 लोगों ने मुझे मारा. मैं किस हालत में बोल रहा हूं मैं आपको नहीं बता सकता.

‘आप धीमी आवाज नहीं सुन सकते, आप पूछने लगेंगे कि प्रोटेस्ट कब बंद करोगे, आप पूछने लगेंगे कि सिगरेट पीना कब छोड़ोगे, पूछेंगे देशद्रोही के नारे लगाना कब छोड़ देंगे? आप ये चीज समझिए कि ये देश शिक्षा के लिए लड़ रहा है. अगर आज JNU से बात उठ रही है तो BHU से भी बात उठ रही है.’

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बता दें कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ (JNUSU) के सदस्यों ने सोमवार को संसद मार्च के दौरान घटी घटनाओं पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी. इस दौरान मीडिया द्वारा पूछे गए कुछ सवालों पर छात्रसंघ के लोग नाराज हो गए. इससे दोनों पक्षों में वाकयुद्ध शुरू हो गया और नोकझोक शुरू होने लगी. इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस बंद कर दिया गया.

गौरतलब है कि सोमवार को JNU के सैकड़ों छात्रों ने छात्रावास और मेस का शुल्क बढ़ाने के विरोध में संसद के लिए एक मार्च निकाला. लेकिन छात्रों को संसद के आधे रास्ते में ही रोक दिया गया, जिसके बाद छात्र वहीं धरने पर बैठ गए और घंटों तक सड़क जाम रहा. पुलिस ने इस दौरान छात्रों की पिटाई भी की.