JNU हिंसा : WhatsApp पर जिनके नंबर से हुए भड़काऊ मैसेज, फोन पर उन्‍होंने मारी पलटी

इस रिपोर्ट के मुताबिक अखबार ने उन पांच लोगों से बात की जिनके मोबाइल नंबरों से इन ग्रुप में अपत्तिजनक और धमकी भरे मैसेज भेजे गए थे.
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जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में रविवार को हुई हिंसा के बाद कई संदिग्ध व्हाट्सएप ग्रुप सामने आए हैं. इन ग्रुप में कई भड़काऊ मैसेज भी भेजे गए हैं. जिन्हें पढ़कर लगता है कि हिंसा पूरी योजना के साथ की गई थी. दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की एक टीम इन सभी ग्रुप की जांच भी कर रही है.

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार घटना से पहले इन व्हाट्सएप ग्रुप पर आपत्तिजनक मैसेज भेजे गए थे. जिसमें कहा गया, “देशद्रोहियों को मारो.” इसके कुछ देर बाद ही कुछ नकाबपोश लोग कैंपस में खुसे और करीब 3 घंटे तक बवाल मचाया गया.

इस रिपोर्ट के मुताबिक अखबार ने उन पांच लोगों से बात की जिनके मोबाइल नंबरों से इन ग्रुप में आपत्तिजनक और धमकी भरे मैसेज भेजे गए थे.

पहला मैसेज-
मजा आ गया इन सालों को देशद्रोहियों को मारकर” जिस नंबर से यह मैसेज भेजा गया था, जब उस पर बात की तो जवाब मिला- “मैं हरियाणा के एक कॉलेज का छात्र हूं. जैसे ही जेएनयू में लेफ्ट के आतंक के खिलाफ मीडिया पोस्ट पढ़ी तो एक दोस्त ने मेरा फोन लेकर किसी ग्रुप में यह पोस्ट डाल दिया था. मैं नहीं जानता कि जेएनयू के छात्र देशद्रोही हैं या नहीं.”

दूसरा मैसेज-
सालो को हॉस्टल में घुस के तोड़ो“, जब इस नंबर पर बात की गई, तो उधर से पूछा गया, “मेरा नंबर आपको किसने दिया है? मैं नोएडा में रहता हूं.” और यह कह कर फोन काट दिया गया.

तीसरा मैसेज-
एक नंबर से Unity against LEFT ग्रुप का नाम बदल कर Sanghi Goons Murdabad (संघ के गुंडे मुरदाबाद) कर दिया गया था, इस पर कॉल करने पर कहा गया, “मैं केरल से हूं. किसी ने मुझे इस ग्रुप में जोड़ा था. मैं ABVP की विचारधारा के खिलाफ हूं लेकिन मेरा हिंसा से कोई लेना-देना नहीं है.” हालांकि बाद में इस नंबर को ग्रुप से निकाल दिया गया था.

चौथा मैसेज-
एक नंबर से मैसेज आया, “तोड़ दो सालो को.” इस नंबर पर बात करने पर जवाब मिला, “मैं आजमगढ़ से हूं. मैं JNU का छात्र नहीं हूं. मुझे नहीं पता कि मेरा नंबर इस ग्रुप में कैसे जुड़ा और किसने उसमें ऐसा मैसेज किया.”

पांचवा मैसेज-
एक नंबर से मैसेज लिखा गया, “बिल्कुल, एक बार ठीक से आर पार करने की जरूरत है. अभी नहीं मारेंगे सालो को तो कब मारेंगे, गंद मचा रखी है कौमियों ने.” यह नबंर JNU के PHD के छात्र का था, उसने कहा, “मैं JNU में स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज से पीएचडी (PHD) कर रहा हूं. मैं ABVP से जुड़ा हूं.” इसने पत्रकारों पर सवाल खड़े करते हुए कहा, “कुछ पत्रकार यूनिवर्सिटी की छवि खराब कर रहे हैं.” बाद में इसने कहा कि मेरे मोबाइल का गलत इस्तेमाल किया गया है.

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