‘जंगल के रास्ते पहुंचे थे मेक्सिको, शर्ट निचोड़कर पसीने से बुझाते थे प्यास’

28 साल के मनजीत ने बताया कि यात्रा के दौरान कई लोगों की मौत हो गई लेकिन उनकी रिपोर्ट तक नहीं दी गई. यात्रा के दौरान कुछ माफ़िया भी उनके साथ थे जो उन्हें...

Jungles to Mexico
Jungles to Mexico

अमेरिका के एच1बी वीजा में सख्ती बरतने के बाद मेक्सिको के आव्रजन अधिकारियों ने देश में अवैध रूप से प्रवेश करने और अमेरिका जाने की कोशिश करने वाले 311 से अधिक भारतीयों को वापस भारत भेज दिया है. नौकरी की तलाश में मेक्सिको पहुंचे भारतीयों को पता नहीं था कि इतनी मुश्किलात झेलने के बाद उन्हें इस तरह से वापस फेंक दिया जाएगा.

हरियाणा के कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन करने वाले सोनू कहते हैं, ‘पांच से सात दिनों तक घने जंगलों से होकर जाना था, हमने रास्ते बनाए और जगह-जगह निशान के तौर पर प्लास्टिक छोड़े है. तीन दिनों तक हमलोगों को पानी नहीं मिला, प्याय बुझाने के लिए अपनी शर्ट के पसीने निचोड़कर पीते रहे. वहां खाना भी नहीं था. जंगल में ख़तरनाक जानवर थे डर की वजह से चलते जा रहे थे. हमलोगों में से कई रास्ते में ही बीमार पड़ गए.’

एक अन्य व्यक्ति ने नाम नहीं ज़ाहिर करने की शर्त पर कहा, ‘ईक्वाडोर पहुंचने के बाद लोगों को सड़क के रास्ते या फ्लाइट्स से कोलंबिया, ब्राज़ील, पेरू, पनामा, कोस्टा रिका, निकारागुआ, होंडुरास, ग्वाटेमाला के ज़रिए मेक्सिकों पहुंचे. वो लगभग एक सप्ताह तक लॉज और सस्ते होटलों में रुके रहे. इमिग्रेशन हासिल करने के लिए कई तरह की प्रक्रिया से गुजरते रहे. कई जगहों पर उनके साथ बंदूकधारी लोग भी होते थे.’

28 साल के मनजीत ने बताया कि यात्रा के दौरान कई लोगों की मौत हो गई लेकिन उनकी रिपोर्ट तक नहीं दी गई. यात्रा के दौरान कुछ माफ़िया भी उनके साथ थे जो उन्हें डराते धमकाते रहते थे. लोगों से पैसा मांगते थे. 50 डॉलर यानी कि लगभग 3,500 रुपये प्रति व्यक्ति देना पड़ता था.

जालंधर के 26 वर्षीय किसान सेवक सिंह ने पुराने दिन याद करते हुए कहा, ‘मैंने यूट्यूब पर एक वीडियो देखा थे. इस वीडियो को देखकर ऐसा लगा नहीं था कि कोई दिक्कत होगी. मुझे बिल्कुल पता नहीं था कि भूखे-प्यासे घने जंगलो के रास्ते सफर तय करना होगा.’

शुक्रवार को मेक्सिको आव्रजन अधिकारियों ने 311 भारतीयों को वापस भारत भेजा, जिनमें 310 पुरुष और महिला शामिल थी. मेक्सिको के रास्ते अमेरिका में घुसने का प्रयास कर रहे यह भारतीय शुक्रवार को एक विशेष विमान से दिल्ली हवाईअड्डे पर पहुंचे.

जानकारी के मुताबिक, अवैध रूप से अमेरिका जाने के लिए इन दिनों लोग मेक्सिको और हंगरी को चुन रहे हैं. भारत ने इंजीनियरों, आईटी पेशेवरों के लिए अमेरिका से एच1बी वीजा में नरमी बरतने की अपील की है, हालांकि अभी तक इसमें कोई ढील नहीं दी गई है. इसकी वजह से अमेरिका में साफ्टवेयर कंपनियों को प्रतिभावान सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की कमी से जूझना पड़ रहा है.

मेक्सिको पहुंचे भारतीयों को मैक्सिकन राज्यों ओक्साका, बाजा कैलिफोर्निया, वेराक्रूज, चियापास, सोनोरा, मैक्सिको सिटी, डुरंगो और तबस्स्को में कई महीनों के दौरान पकड़ा गया था.

मैक्सिकन अधिकारियों का आरोप है कि ये भारतीय अवैध रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रवेश करने के लिए पिछले कुछ महीनों में मैक्सिको पहुंचे थे.

अधिकारियों के अनुसार, सभी भारतीयों को आपातकालीन प्रमाण पत्र जारी किया गया. यह प्रमाण पत्र एक तरह से वह यात्रा दस्तावेज है, जो एक आपातकालीन स्थिति में भारतीय नागरिकों को भारत में प्रवेश करने की अनुमति देता है.

यह कागजात उन लोगों को जारी किए जाते हैं, जिनके यात्रा दस्तावेज गुम हो गए हों, उन्हें नुकसान पहुंचा हो या फिर उनके पास कोई वैध पासपोर्ट न हो.

यह मेक्सिको द्वारा की गई पहली ऐसी कार्रवाई है. मेक्सिको ने अमेरिका में घुसने के लिए अपने क्षेत्र का उपयोग करने वाले लोगों पर नकेल कसने के प्रयासों को काफी बढ़ाया हुआ है. मेक्सिको ने सीमा पर सुरक्षा बढ़ाने और प्रवासियों को वापस भेजने की अपनी नीति का विस्तार किया है.

दरअसल, जून में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मेक्सिको को उसकी सीमाओं के माध्यम से अमेरिका में प्रवेश करने वाले लोगों पर रोक लगाने की चेतावनी जारी की थी. इसके बाद अब मेक्सिको ने यह कदम उठाया है.

सरकार के सूत्रों ने कहा कि भारत किसी भी देश में अवैध प्रवास को सही नहीं मानता है.

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