दिल्ली में हैं 5000 स्पा सेंटर, आंकड़ों को लेकर आमने-सामने Justdial और MCD

दिल्ली महिला आयोग ने पोर्टल को डेटा इकठ्ठा करने और उसे आयोग को देने के लिए 2 सप्ताह का समय दिया है.

दिल्ली महिला आयोग ने Justdial.com को एक नोटिस जारी कर उनके पोर्टल पर स्पा सेंटर के पंजीकरण से संबंधित जानकारी मांगी थी. आयोग ने दिल्ली भर में कई स्पा सेन्टर्स का निरीक्षण किया था और इन केंद्रों में संचालित सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया था.

आयोग को सूचना मिली कि स्पा और मसाज सेंटर के कई विज्ञापन Justdial.com पर भी उपलब्ध हैं. आयोग ने राजधानी में पनप रहे अवैध स्पा और वेश्यावृत्ति के रैकेट चलाने के मामले में जांच शुरू की है, इसलिए आयोग ने Justdial.com से उनके पोर्टल पर सूचीबद्ध सभी स्पा का विवरण मांगा.

दिल्ली महिला आयोग को भेजे गए एक पत्र में Justdial.com ने आयोग को बताया है कि दिल्ली राज्य में 5000 से अधिक स्पा और मसाज सेंटर सूचीबद्ध हैं. यह सूचना तीनों नगर निगम द्वारा दी गयी सूचना से एकदम अलग है, जिसमें बताया गया था कि राजधानी में 498 स्पा सेंटर चल रहे हैं.

साउथ एमसीडी ने जानकारी दी थी कि उनके क्षेत्र में 297 स्पा चल रहे हैं, नॉर्थ MCD ने बताया था कि उनके क्षेत्र में 127 स्पा चल रहे हैं और ईस्ट MCD ने जानकारी दी थी कि उनके क्षेत्र में 60 स्पा चल रहे हैं.

Justdial.com द्वारा दी गई नई जानकारी के बाद यह स्पष्ट होता है कि राजधानी में हजारों स्पा और मसाज सेंटर अवैध रूप से चलाए जा रहे हैं.

कंपनी ने राजधानी में चल रहे स्पा की अनुमानित संख्या की जानकारी दी, मगर उसने स्पा से सम्बंधित डेटा इकट्ठा करने और सूचना देने के लिए 6 सप्ताह का समय मांगा है. इसके अलावा उन्होंने कहा है कि वे अपनी नीतियों की जांच कर रहे हैं और इस जानकारी को प्राप्त करने के लिए इजाजत ले रहे हैं, क्योंकि इसमें संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारी शामिल हो सकती है.

दिल्ली महिला आयोग ने पोर्टल को डेटा इकठ्ठा करने और उसे आयोग को देने के लिए 2 सप्ताह का समय दिया है. इसके अलावा आयोग, कंपनी के इस रुख से पूरी तरह असहमत है कि मांगी गयी सूचना व्यक्तिगत और संवेदनशील है. फिलहाल आयोग ने Jusdial.com से 17 अक्टूबर तक पूरी जानकारी देने को कहा है.

इस मामले पर बात करते हुए दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा, “यह सोचने वाली बात है कि दिल्ली में 5000 से ज्यादा स्पा चल रहे हैं जबकि एमसीडी 500 से कम लाइसेंस देने का दावा कर रही है. एमसीडी की लाइसेंसिंग प्रक्रिया पूरी तरह से मजाक है. लाइसेंस देने से पहले एमसीडी द्वारा कोई साइट इंस्पेक्शन भी नहीं किया जाता है.”

स्वाति मालीवाल ने आगे कहा, “इससे अधिक और क्या प्रमाण चाहिए कि राजधानी में कई अवैध स्पा चल रहे हैं? साथ ही आज तक किसी भी एमसीडी द्वारा क्रॉस जेंडर मसाज के खिलाफ कोई भी एडवाइजरी जारी नहीं की गई है. राजधानी में सेक्स रैकेट चला रहे ऐसे अवैध स्पा सेंटर्स के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जानी चाहिये.”

 

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