‘इंफेक्‍शन खत्‍म कर देती हैं सूरज की किरणें’, कोर्ट की वीडियो रिकॉर्डिंग पर जस्टिस चंद्रचूड़ ने क्‍यों कहा ऐसा

सिक्किम हाईकोर्ट ने वीडियो रिकॉर्डिंग की मांग वाली याचिका खारिज कर दी थी. उसी को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में स्‍पेशल लीव पिटीशन (SLP) लगाई गई है.

अदालती कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग से जुड़ी याचिका सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के सामने आई. मेंशनिंग के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि कोर्ट में अपर्याप्त रोशनी आती है तो वीडियो रिकॉर्डिंग कैसे होगी? इसपर जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि ‘सूरज की किरणें संक्रमण के खात्मे के लिए सर्वश्रेष्ठ हैं.’

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि रोशनी या फिर सूरज चमके या नहीं, लेकिन हमारा सिस्टम काम कर रहा है. अदालती कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग कराने की मांग करती याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होनी है.

सिक्किम हाईकोर्ट ने वीडियो रिकॉर्डिंग की मांग वाली याचिका खारिज कर दी थी. उसी को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में स्‍पेशल लीव पिटीशन (SLP) लगाई गई है.

क्‍या होती है स्‍पेशल लीव पिटीशन?

SLP के तहत महत्‍वपूर्ण मामले ही सुप्रीम कोर्ट के सामने लाए जाते हैं. संविधान के अनुच्‍छेद 136 में इसकी व्‍यवस्‍था है. किसी भी हाईकोर्ट या ट्रिब्‍यूनल के फैसले के खिलाफ SLP दाखिल की जा सकती है.

ये भी पढ़ें

इस प्रेम कहानी ने हीर-रांझा की याद दिला दी…जमाने के खिलाफ SC में केस लड़ रही है 16 साल की लड़की

किसी लड़की को “कॉल-गर्ल” कहना आत्महत्या के लिए नहीं उकसाता : सुप्रीम कोर्ट