कमलेश हत्याकांड: पुलिस के हाथ लगा बड़ा सुराग, हत्यारे अशफाक की असली फेसबुक आईडी मिली

बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी अशफाक कमलेश तिवारी के विवादित बयान के बाद से ही हत्या की फिराक में था. अशफाक ने मई 2016 में फेक अकाउंट बनाया गया था.

लखनऊ: हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी हत्याकांड में फरार हत्यारोपी शेख अशफाक हुसैन के रोहित सोलंकी बनकर कमलेश तिवारी और उनकी पार्टी के लोगों के करीब आने से जुड़ी जानकारी में एक और अहम सबूत मिला है. अशफाक का असली अकाउंट हाथ लग गया है.

रोहित सोलंकी के नाम से अशफाक ने फेक अकाउंट बनाने से पहले अपना असली अकाउंट का इस्तेमाल बन्द कर दिया था. बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी अशफाक कमलेश तिवारी के विवादित बयान के बाद से ही हत्या की फिराक में था. अशफाक ने मई 2016 में फेक अकाउंट बनाया गया था. पुलिस जब फेसबुक के एंगल से जांच कर रही थी तो एक अहम सुराग मिला था. रोहित सोलंकी नाम से जो अकाउंट बनाया गया था वो अशफाक का ही था.

अब अशफाक का असली अकाउंट पुलिस के हाथ लगा है. रोहित सोलंकी के प्रोफ़ाइल पर जिन तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया. वहीं अशफाक की असली प्रोफ़ाइल में भी वही फोटो मिली थी. शेख अशफाक ने नवंबर 2015 के बाद से ही ओरिजिनल प्रोफाइल का इस्तेमाल बन्द कर दिया था. अगस्त 2019 से रोहित सोलंकी बनकर ज़्यादा एक्टिव हो गया था.

पुलिस इस मामले में हर एंगल से जांच कर रही है. इससे पहले रोहित सोलंकी नाम की फेसबुक खंगालने पर पता चला था कि ये कोई और नहीं बल्कि मुख्य हमलावर अशफाक ही है. अशफाक ने अपनी ओरिजनल आईडी को बंद कर दिया था और रोहित सोलंकी नाम की आईडी से बातचीत करता था. रोहित सोलंकी बनकर उससे कमलेश तिवारी से मित्रता की और उनसे मिलने का समय मांगा. इस तरह अशफाक 2015 से ही कमलेश तिवारी को मारने की प्लानिंग करने लगा था.