जिस वेबसाइट के बूते कन्हैया ने जुटाया 29 लाख का चंदा, कौन बना है उसका दुश्मन?

बेगूसराय प्रत्याशी कन्हैया कुमार मैदान पर तो चुनाव प्रचार में लगे हैं लेकिन साइबर दुनिया में उन्हें खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. जिस वेबसाइट से उन्होंने देशभर के लोगों से चंदा जुटाया वो अब दिखनी बंद हो गई है.

लोकसभा चुनाव 2019 में बेगूसराय से सीपीआई उम्मीदवार कन्हैया कुमार के ताल ठोकने से मुकाबला दिलचस्प बन गया है. खबर मिल रही है कि जिस वेबसाइट के बूते उन्होंने 24 घंटे में 29 लाख रुपए चंदा जुटाने का दावा किया था उसका सर्वर डाउन हो गया है.

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अब चंदा देनेवालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कन्हैया ने भी फेसबुक पेज पर लोगों को इस बाबत जानकारी दी है. उन्होंने ये भी आश्वासन दिया कि जिन लोगों ने चंदा दिया है उनका पैसा सुरक्षित है. कन्हैया कुमार ने लोगों से चंदा जुटाने के लिए www.ourdemocrcy.in नाम की वेबसाइट शुरू की थी. वेबसाइट हैकर्स के लगातार निशाने पर थी और दो दिनों से इस पर हमला जारी थी.

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने लोकसभा चुनाव के लिए रविवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार को बिहार के बेगूसराय से चुनाव मैदान में उतारने की औपचारिक घोषणा की थी. राष्ट्रीय जनता दल (राजद), कांग्रेस और अन्य दलों के महागठबंधन की तरफ से भाकपा को बेगूसराय सीट नहीं दिए जाने के दो दिन बाद यह घोषणा हुई. राजद ने तनवीर हसन को फिर बेगूसराय से चुनाव मैदान में उतारा है. हसन 2014 में चुनाव हार गए थे.

त्रिकोणीय है मुकाबला
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को बेगूसराय सीट से अपना उम्मीदवार बनाया है, जिससे इस सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है. भाजपा ने 2014 में यह सीट जीती थी. देश के विभिन्न हिस्सों में भाजपा-आरएसएस के खिलाफ जनसभाएं करते रहे कन्हैया कुमार पहले ही ये साफ़ कर चुके हैं कि उनकी मुख्य लड़ाई गिरिराज सिंह से है, न कि राजद से. भाजपा कन्हैया कुमार को ‘देशद्रोही’ के रूप में प्रचारित करती रही है, लेकिन उन पर आरोप साबित करवाने में अब तक असफल रही है. कन्हैया बदनाम किए जाने का बदला लेने के लिए पूरा जोर लगाएंगे, इससे इनकार नहीं किया जा सकता.