कर्नाटक राजनीतिक संकट Updates: कांग्रेस नेताओं ने बेंगलुरु से लेकर मुंबई तक प्रदर्शन किए

विधानसभा अध्यक्ष केआर रमेश कुमार सदन में 17 जुलाई को एचडी कुमारस्वामी सरकार को बहुमत साबित करने के लिए कह सकते हैं.

बेंगलुरु: कर्नाटक को लेकर जारी संकट के बीच कांग्रेस नेताओं ने बेंगलुरु से लेकर मुंबई तक प्रदर्शन किए. मुंबई में बागी विधायक जिस होटल में रुके हैं, उसके बाहर कर्नाटक के मंत्री डीके शिवकुमार पहले धरने पर बैठ गए. विधायकों ने उनसे मिलने से मना कर दिया था. पुलिस ने पवई थाने में धारा 144 लगा दी है और शिवकुमार को हिरासत में ले लिया है. यहां से हिरासत में लिए गए सभी नेताओं को कलीना यूनिवर्सिटी गेस्‍ट हाउस ले जाया गया है.

वहीं, बेंगलुरु में राजभवन के पास प्रदर्शन कर रहे वरिष्‍ठ कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद को भी हिरासत में ले लिया गया. उनके साथ मल्लिकार्जुन खड़गे, कर्नाटक कांग्रेस प्रमुख दिनेश गुंडू राव, डिप्‍टी सीएम जी परमेश्‍वर राव को भी हिरासत में लिया गया है.

दूसरी तरफ, कांग्रेस और जनता दल-सेकुलर (जद-एस) के बागी विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष द्वारा उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं करने के निर्णय के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की है और मामले की तत्काल सुनवाई करने की मांग की है. कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में पार्टी की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी पैरवी करेंगे.

कर्नाटक का राजनैतिक संकट, पढ़ें लेटेस्‍ट अपडेट्स:

    • कमरे से निकले सिद्धारमैया और सुधाकरन
    • कर्नाटक में सियासी घमासान, केजी जॉर्ज के कमरे में सुधाकरन को किया गया कैद. बताया जा रहा है उसी कमरे में सिद्धारमैया भी मौजूद. बीजेपी के लोग कमरे के बाहर
    • सुधाकरन की पत्नी ने येदिरुप्पा को फोन किया. केजी जॉर्ज के कमरे में सुधाकरन को कैद किया.
    • कांग्रेस के2 विधायक एमटीबी नागराज और डॉ सुधाकर अपना इस्तीफा देने के लिए स्पीकर के चैंबर में पहुंचे हैं. 
    • बेंगलुरु में मिंस्‍क स्‍क्‍वायर पर प्रदर्शन कर रहे कई कांग्रेसी नेताओं को हिरासत में ले लिया गया है. इनमें मल्लिकार्जुन खड़गे, गुलाम नबी आजाद, दिनेश गुंडू राव, डिप्‍टी सीएम जी परमेश्‍वर राव जैसे बड़े नाम शामिल हैं.
    • मुंबई पुलिस ने पवई इलाके में धारा 144 लगा दी है. किसी भी तरह के राजनीतिक जमावड़े या प्रदर्शन को रोकने के लिए यह फैसला लिया गया है. जिस होटल में कर्नाटक के बागी विधायक रुके हुए हैं, वह इसी पुलिस स्टेशन की हद में आता है. कर्नाटक के मंत्री डीके शिव कुमार अभी भी होटल के बाहर अभी भी मौजूद हैं.
    • वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी के माध्यम से दायर अपनी याचिका में बागी विधायकों ने आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष के.आर. रमेश कुमार अपना संवैधानिक कर्तव्य नहीं निभा रहे हैं और जानबूझ कर उनका इस्तीफा स्वीकार करने में देरी कर रहे हैं. इन विधायकों ने अपने इस्तीफे शनिवार को विधानसभा अध्यक्ष को सौंप दिए थे. प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने रोहतगी को आश्वासन दिया कि याचिका पर सुनवाई की जाएगी लेकिन बाद में किसी अन्य तारीख पर. शीर्ष अदालत इस याचिका पर गुरुवार को सुनवाई कर सकती है.
    • होटल के बाहर डीके शिवकुमार के खिलाफ नारेबाजी चल रही है. नारेबाजी करने वाले विधायक नारायण गौड़ा के लोग हैं. विधायकों की जान को खतरा बताकर डीके शिवकुमार को भीतर जाने नहीं दिया जा रहा. डीके शिवकुमार ने इस होटल में कमरा बुक करा रखा है. मीडिया को उन्‍होंने अपने कमरे की चाबी भी दिखाई.
    • मुंबई पुलिस ने कहा है शिवकुमार को होटल में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी. वहीं कांग्रेस नेता ने कहा कि, “हम अपने दोस्‍तों से मिलने आए हैं. हम राजनीति में साथ जन्‍मे थे, हम राजनीति में साथ मरेंगे. वे हमारी पार्टी के लोग हैं.”

  • सोमवार शाम सभी 14 विधायक चुपचाप सड़क मार्ग से गोवा के लिए रवाना हो गए थे. सतारा में कुछ और बागी विधायक उनके साथ शामिल हो गए. बाद में उस गुट के लगभग एक दर्जन विधायक मुंबई लौट गए और अब वे पवई इलाके में स्थित रिनेसां होटल में ठहरे हुए हैं, जबकि इनमें से कुछ अभी भी सतारा में हैं.
  • 12 विधायकों का एक गुट शनिवार को बेंगलुरू से चार्टर्ड विमान से मुंबई पहुंचा. इसके बाद एक निर्दलीय सहित दोनों पार्टियों के एक-एक विधायक रविवार और सोमवार को आए. वे यहां के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित सोफीटेल होटल में ठहरे हुए हैं. विधायकों ने मुंबई पुलिस कमिश्‍नर को चिट्ठी लिख जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा मांगी है. पुलिस ने होटल के आस-पास सुरक्षा कड़ी कर दी है.
  • कांग्रेस, वरिष्ठ पार्टी नेता सिद्धारमैया और जद-एस के मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी के बीच मतभेद गहराने से उत्पन्न संकट से सरकार को बचाने के प्रयास में लगातार लगी हुई है. कांग्रेस मुख्यमंत्री पद के लिए सिद्धारमैया से अलग किसी ऐसे नेता के नाम पर विचार रही है, जो JD-S को स्वीकार्य हो.
  • कई वरिष्ठ नेताओं ने सोमवार को भी राष्ट्रीय राजधानी में बैठक बुलाकर कर्नाटक संकट पर चर्चा की थी. बैठक में आजाद, अहमद पटेल, पी. चिदंबरम, ज्योतिरादित्य सिंधिया, दीपेंद्र हुड्डा और मुकुल वासनिक शामिल हुए. पार्टी ने ऐसी ही एक बैठक शनिवार को भी की थी.
  • कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद और बी.के. हरिप्रसाद मंगलवार को बेंगलुरू रवाना हो गए. पार्टी नेताओं के मुताबिक, कांग्रेस ने हालात से निपटने के लिए आजाद और हरिप्रसाद को भेजा है. पार्टी ने इससे पहले, शनिवार को महासचिव मल्लिकार्जुन खड़गे और के.सी. वेणुगोपाल को 17 सत्ताधारी विधायकों के इस्तीफे से उत्पन्न स्थिति को नियंत्रित करने लिए भेजा था.

कर्नाटक का अगला सीएम कौन होगा, यह अब विधानसभा अध्‍यक्ष केआर रमेश के फैसले पर निर्भर करता है. वह सदन में 17 जुलाई को एचडी कुमारस्वामी सरकार को बहुमत साबित करने के लिए कह सकते हैं. उन्होंने मंगलवार को कांग्रेस और जनता दल (एस) के सभी 13 विधायकों के इस्तीफों को मंजूर करने से मना कर दिया.

स्पीकर ने कहा कि इनमें से आठ विधायकों के इस्तीफे तयशुदा फार्मेट में नहीं हैं और पांच अन्य को यह स्पष्टीकरण देने की जरूरत है कि उनका यह कदम क्यों नहीं दल बदल विरोधी कानून के दायरे में आता है. उन्होंने कहा कि इन विधायकों को इस्तीफों को फिर से दाखिल करने और इनकी वजहों का खुलासा करने के लिए 21 जुलाई तक का समय दिया गया है. इन 13 विधायकों में से 10 कांग्रेस के और तीन जद (एस) के हैं.

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