कर्नाटक के गृह मंत्री बोले- बेंगलुरु और मैसूर नेटवर्क खड़ा कर रहे आतंकी

कर्नाटक के गृह मंत्री ने दावा किया कि राज्‍य की पुलिस तटीय इलाकों और राज्‍य के अंदरूनी क्षेत्रों में भी ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं.

बेंगलुरु: कर्नाटक सरकार में गृह मंत्री बासवराज बोम्‍मई ने शुक्रवार को बेंगलुरु और मैसूर के बारे में बड़ा खुलासा किया. बोम्‍मई ने एनआईए का हवाला देते हुए दावा किया कि इन दोनों शहरों में म्यांमार से भागे रोहिंग्या मुसलमानों का आतंकी संगठन तेजी पैठ बना रहा है. इस आतंकी संगठन का नाम- जमात उल मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) है.

कर्नाटक के गृह मंत्री ने दावा किया कि राज्‍य की पुलिस तटीय इलाकों और राज्‍य के अंदरूनी क्षेत्रों में भी ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं.

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के प्रमुख वाईसी मोदी ने सोमवार को कहा कि जेएमबी भारत में नेटवर्क फैलाने की कोशिश कर रहा है. एनआईए ने यह भी दावा किया कि 125 संदिग्धों की सूची विभिन्न राज्यों के साथ साझा की गई है.

आतंकवाद विरोधी दस्तों (एटीएस) के प्रमुखों की मीटिंग के दौरान वाईसी मोदी ने कहा कि जेएमबी ने झारखंड, बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक और केरल में बांग्लादेशी अप्रवासियों की आड़ में गतिविधियां शुरू कर दी हैं.

वाईसी मोदी ने कहा था कि एनआईए ने जेएमबी नेतृत्व से करीबी संबंध रखने वाले 125 संदिग्धों की सूची संबंधित राज्यों को भेजी है, जिन पर कड़ी निगरानी रखने की जरूरत है.

एनआईए के महानिरीक्षक आलोक मित्तल ने भी इस मामले में खुलासा किया कि 2014 से 2018 के बीच जेएमबी ने बेंगलुरु में 20 से 22 ठिकाने स्थापित किए और दक्षिण भारत में नेटवर्क खड़ा करने के लिए प्रयास शुरू कर दिए.