कर्नाटक संकट: स्‍पीकर बोले- जिन विधायकों ने नहीं बताई ठीक वजह, उन्‍हें फिर देना होगा इस्‍तीफा

इस्तीफे से पहले 225 सदस्यीय विधानसभा में गठबंधन के पास 118 विधायकों का समर्थन था, यह बहुमत के आंकड़े 113 से पांच ज्यादा है.

नई दिल्‍ली: कर्नाटक में कांग्रेस-JD(S) की गठबंधन सरकार की हालत खराब है. संसद से लेकर विधानसभा तक में यह मुद्दा गूंजा. लोकसभा में कांग्रेस सांसदों ने कर्नाटक के राजनीतिक हालात के विरोध में वॉकआउट किया. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि कर्नाटक में जो कुछ हो रहा है, वह उसके अपने घर का मामला है. राजनाथ ने कहा, “ये (कांग्रेस) अपने घर को संभाल नहीं पा रहे हैं, बल्कि पार्लियामेंट के इस लोअर हाउस को ये डिस्‍टर्ब करने की कोशिश कर रहे हैं.”

विधानसभा अध्यक्ष केआर रमेश ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में कहा कि उन्‍होंने इस्‍तीफा देने वाले विधायकों को 12-13 जुलाई को बुलाया है. तब उनका पक्ष सुना जाएगा. रमेश ने कहा कि जब कार्यालय में नहीं थे, तब विधायक आए और 13 लोगों के इस्‍तीफे देकर चले गए. उन्‍होंने अपने इस्‍तीफे में उचित कारण नहीं बताया था. स्‍पीकर ने कहा कि कांग्रेस के लोग मंगलवार को उनसे मिलने आए थे और उन्‍होंने इन विधायकों के खिलाफ एक्‍शन लेने को कहा.

स्‍पीकर ने कहा कि 5 विधायकों के इस्‍तीफे सही तरीके से आए हैं. उनमें से मैंने 3 को 12 जुलाई और 2 को 15 तारीख को मिलने बुलाया है. जिनके इस्‍तीफे में उचित कारण नहीं बताया गया है, उन्‍हें फिर से इस्‍तीफा देना होगा. जब स्‍पीकर से पूछा गया कि बाकी विधायक जिन्‍होंने अपना अपूर्ण इस्‍तीफा सौंपा है, तो उन्‍होंने कहा कि यह दो बातें दर्शाता है. एक कि वह कभी इस्‍तीफा नहीं देना चाहते थे, दूसरा विधायक होने के बावजूद उन्‍हें नहीं पता कि इस्‍तीफे का सही तरीका क्‍या है.

Karnataka Crisis Live Updates

  • कांग्रेस मीटिंग और प्रेस कॉन्फ्रेंस खत्म होने के बाद कांग्रेस के सभी नेता विधानसभा में महात्मा गांधी की मूर्ति के पास इकट्ठा हुए. बीजेपी और इस्तीफा दिए हुए नेताओं के खिलाफ नारेबाज़ी की. इस धरने में प्रधानमंत्री मोदी से लेकर अमित शाह और येदियुरप्पा के नाम की भी नारेबाजी हुई.
  • सिद्धारमैया ने कहा कि कर्नाटक कांग्रेस पार्टी-विरोधी गतिविधियों के लिए सदस्‍यों को अयोग्‍य घोषित करने को कहेगी. उन्‍होंने स्‍पीकर से दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई करने की मांग की.
  • सिद्धारमैया ने बैठक के बाद प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में बीजेपी के शीर्ष नेतृत्‍व पर आरोप लगाए. उन्‍होंने कहा, “इस बार न सिर्फ राज्‍य की भाजपा इकाई बल्कि अमित शाह और मोदी जी जैसे राष्‍ट्रीय स्‍तर के नेता भी लिप्‍त हैं. उन्‍हीं के इशारों पर सरकार को अस्थिर करने की कोशिशें हो रही हैं. यह लोकतंत्र और जनादेश के खिलाफ है. वे पैसा, पद और मंत्री की कुर्सी ऑफर कर रहे हैं.”
  • इस्तीफा देने वाले और बैठक में अनुपस्थित रहने वाले बागी विधायकों में रामलिंगा रेड्डी, एस.टी. सोमाशेखर, बायराती बसवराज, मुनिरत्ना, प्रतापगौढ़ा पाटिल, बी.सी. पाटिल, रमेश जरकिहोली, शिवराम हेब्बर, महेश कुमाताहल्ली, एस.एन. सुब्बारेड्डी और आनंद सिंह हैं. अन्य अनुपस्थित विधायकों में रोशन सिंह, के. सुधाकर, आवास मंत्री एम.टी.बी. नागराज और बी.के. संगमेश्वर हैं.
  • कर्नाटक में अपनी विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा देने वाले कांग्रेस के 11 बागी विधायकों ने मंगलवार को पार्टी के विधायकों की बैठक में भाग नहीं लिया. पार्टी के 78 विधायकों में से लगभग 60 पार्टी की बैठक में उपस्थित थे जबकि पांच से छह विधायकों ने पहले ही विधायक दल के नेता सिद्धारमैय्या को बैठक में उपस्थिति में अपनी असमर्थता के बारे में बता दिया था.
  • कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने मीडिया से कहा है, “राजनाथ सिंह कह रहे हैं कि ‘हमें कोई फर्क नहीं पड़ता, हमें इस बारे में नहीं पता (कर्नाटक के राजनीतिक हालात के बारे में).’ बीएस येदियुरप्‍पा भी यही बोल रहे हैं, लेकिन वह हमारे सभी मंत्रियों को ले जाने के लिए अपने PA को भेज रहे हैं.”
  • कांग्रेस नेता सिद्धारमैया मंगलवार सुबह से कांग्रेस विधायकों की बैठक में हिस्‍सा ले रहे हैं. कांग्रेस नेता MTB नागराज खराब तबीयत की वजह से इस बैठक में शामिल नहीं हुए हैं. बैठक में बागी विधायकों को भी शामिल होने के लिए कहा गया है. इसके लिए व्हिप जारी किया गया है. उधर JD(S) ने भी मंगलवार को अपने विधायकों की बैठक बुलाई है. बीजेपी विधायक भी बीएस येदियुरप्‍पा से मिलने उनके आवास पहुंचे हैं.
  • राज्य में राजनीतिक संकट के मद्देनजर अमेरिका दौरा बीच में छोड़कर स्वदेश लौटे जद (एस) और कांग्रेस गठबंधन सरकार के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने सभी मंत्रियों के इस्तीफे करवाकर सरकार बचाने का आखिरी दांव चला है. उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार को कोई खतरा नहीं है और संकट का हल निकाल लिया जाएगा.
  • कांग्रेस के मंत्रियों ने अपना इस्तीफा कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धारमैया को सौंप दिया, ताकि दर्जन भर बागी विधायकों के इस्तीफा वापस लेने और उन्हें मंत्री बनाए जाने का रास्ता साफ हो सके, और गठबंधन सरकार को 12 जुलाई से शुरू हो रहे 10 दिवसीय मॉनसून सत्र से पहले गिरने से बचाया जा सके.
  • कांग्रेस ने कर्नाटक में सरकार के संकट के लिए भाजपा पर आरोप लगाया है. कांग्रेस विधायक डी.के. सुरेश ने संवाददाताओं से कहा, “राज्य में इस राजनीतिक संकट के पीछे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय नेताओं का हाथ है. वे किसी भी राज्य में कोई सरकार या किसी विपक्षी दल की सरकार नहीं चाहते हैं. वे लोकतंत्र को खत्म कर रहे हैं.” भाजपा के नेताओं ने इस आरोप पर पलटवार किया है. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में कहा, “कर्नाटक में राजनीतिक संकट से भाजपा का कोई लेना-देना नहीं है.”

इस्तीफे से पहले 225 सदस्यीय विधानसभा में गठबंधन के पास 118 विधायकों का समर्थन था, यह बहुमत के आंकड़े 113 से पांच ज्यादा है. इनमें विधानसभा अध्यक्ष को छोड़कर 78 कांग्रेस के, जद (एस) के 37 और बसपा एवं कर्नाटक प्रज्ञंयवंता जनता पार्टी (केपीजेपी) के एक-एक और एक निर्दलीय विधायक शामिल थे.

गठबंधन सरकार में 34 सदस्यीय मंत्रिमंडल में कांग्रेस से 22, जद (एस) से 10, केपीजेपी के एक और एक निर्दलीय विधायक शामिल थे. राज्य विधासभा का 10 दिवसीय मॉनसून सत्र 12 जुलाई से शुरू होने वाला है.