9 नवंबर से भारतीय तीर्थ यात्रियों के लिए करतारपुर कॉरिडोर खोलेगा पाकिस्तान

यह गलियारा करतारपुर में दरबार साहिब को पंजाब के गुरदासपुर जिले में डेरा बाबा नानक तीर्थ से जोड़ेगा और भारतीय तीर्थ यात्रियों को वीजा-फ्री आवागमन की सुविधा देगा.

पाकिस्तान ने सोमवार को कहा कि वह गुरु नानक की 550 वीं जयंती से तीन दिन पहले 9 नवंबर को भारतीय सिख तीर्थ यात्रियों के लिए करतारपुर कॉरिडोर खोलेगा. भारत द्वारा जम्मू और कश्मीर से आर्टिकल 370 के तहत मिलने वाले विशेष राज्य के दर्जे को खत्म किए जाने के बाद से दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनाव बढ़ गया है.

परियोजना निदेशक आतिफ मजीद ने लाहौर से लगभग 125 किलोमीटर दूर नरोवाल में प्रस्तावित करतारपुर कॉरिडोर का दौरा करने वाले पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि कॉरिडोर पर 86 प्रतिशत काम अब तक हो चुका है और यह अगले महीने तक पूरा हो जाएगा.

सुविधाओं के बारे में बात करते हुए, माजिद ने बताया, “हर दिन भारत से आने वाले 5,000 सिख तीर्थ यात्रियों की सहायता के लिए लगभग 76 इमिग्रेशन काउंटर स्थापित किए गए हैं.” उन्होंने यह भी कहा कि बाद में काउंटरों की संख्या बढ़ जाएगी क्योंकि तीर्थ यात्रियों की संख्या 10,000 को छूने की उम्मीद है.

यह गलियारा करतारपुर में दरबार साहिब को पंजाब के गुरदासपुर जिले में डेरा बाबा नानक तीर्थ से जोड़ेगा और भारतीय तीर्थ यात्रियों को वीजा-फ्री आवागमन की सुविधा देगा, जिन्हें सिर्फ करतारपुर साहिब जाने के लिए परमिट हासिल करना होगा. पिछले हफ्ते, पाकिस्तान ने घोषणा की थी कि वह करतारपुर कॉरिडोर के लिए सेवा शुल्क के रूप में प्रति व्यक्ति 20 डॉलर का शुल्क लेगा, जिसका पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विरोध किया था.

पीएम मोदी को लिखे पत्र में अमरिंदर सिंह ने सुझाव दिया कि विदेश मंत्रालय इस मामले को द्विपक्षीय बैठकों में उठाए. सेवा शुल्क के बारे में पाकिस्तान की जिद से लाखों तीर्थ यात्रियों पर बहुत अधिक वित्तीय बोझ पड़ेगा.

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