‘ड्रग देकर किया मासूम से रेप’, कठुआ में हुई दरिंदगी की चार्जशीट

आरोपियों ने बकरवाल समुदाय को इलाके से भगाने के लिए ये साजिश रची, जिसके नतीजन दिल दहला देने वाली रेप और कत्ल की वारदात को अंजाम दिया गया.

नई दिल्ली: लगभर साल भर पहले कठुआ रेप केस में सामने आए दरिदों पर कोर्ट ने फैसला सुना दिया है. कोर्ट ने 7 में से 6 आरोपियों को दोषी करार दिया है. वहीं विशाल जंगोत्रा को इस मामले से बरी किया गया है. इसके अलावा रेप में शामिल नाबालिग आरोपी पर अलग से सुनवाई की जाएगी.

कठुआ में रेप का शिकार हुई बच्ची की कहानी रोंगटे खड़े कर देने वाली है. केस में दायर की गई चार्जशीट में लिखी बातों को पढ़कर रोम-रोम सिहर उठता है. भूख से बिलखती 8 साल की बच्ची को देवस्थान में भेड़ियों ने नोच-नोच कर अपनी हवस पूरी की.

जानिए कठुआ रेप कांड की चार्जशीट में क्या-क्या दर्ज है…

सबसे पहले घटना के मुख्य आरोपी सांजी राम ने अपने नाबालिग भतीजे से बकरवाल लड़की को किडनैप करने को कहा. लड़की  अक्सर अपने घोड़ों को चराने के लिए उसके घर के पीछे जंगलों में जाती थी. सांजी राम ने अपहरण को अंजाम देने के लिए भतीजे से लड़की को नशीली दवाएं देने को कहा. साथ ही उसे किडनैप कर देवस्थान में रखने को भी कहा.

इसके बाद वारदात को अंजाम देने के लिए दीपक खजूरिया ने नाबालिग को उकसाया. नाबालिग ने सांजी राम और दीपक खजुरिया के बनाए पूरे प्लान को अपने करीबी दोस्त परवेश कुमार से शेयर किया और मदद मांगी.

किडनैपिंग के दौरान सांजी राम के भतीजे ने बच्ची को धक्का देकर गिरा दिया. इसके बाद परवेश ने उसके पैरों को पकड़ा और भतीजे ने बच्ची को जबरन ड्रग खिलाया. बच्ची के बेहोश होने के बाद नाबालिग ने उसके साथ रेप किया और फिर परवेश के साथ मिलकर उसने लड़की को मंदिर के अंदर ले गया. इसके बाद मंदिर में एक टेबल के नीचे 2 चटाई बिछाई और लड़की को इसपर लिटाकर ऊपर से 2 दरी डालकर उसे ढक दिया.

चौथे आरोपी दीपक खजुरिया ने अगले दिन 10 नशीली गोलियों का एक स्ट्रिप निकाला. नाबालिग ने लड़की का सर पकड़ा, दीपक ने लड़की का मुंह खोल उसे  2 गोलियां खिला दीं और पानी पिलाया.

इसके बाद नाबालिग ने विशाल जंगोत्रा को फोन कर लड़की की किडनैपिंग के बारे में बताया. उसने मेरठ से विशाल को ये कहकर वापस बुलाया कि “अगर वो अपनी ‘हवस शांत’ करना चाहता है तो आ जाए.”

चार्जशीट के मुताबिक मेरठ से आए विशाल जंगोत्रा ने भी बच्ची का रेप किया. उसके बाद, नाबालिग ने विशाल की मौजूदगी में फिर से बच्ची का रेप किया.

सांजीराम के कहने पर नाबालिग, विशाल और परवेश बच्ची को मारने के लिए नजदीकी नाले के पास ले गए. वहां पहुंचे दीपक ने सबको रोका और एक बार फिर से उसने बच्ची के साथ रेप किया, क्योंकि दीपक बच्ची को मारने से पहले फिर से रेप करना चाहता था.

बच्ची के साथ अपनी हवस मिटाने के बाद दीपक ने उसकी गर्दन अपनी बाईं जांघ पर रखकर हाथों से दबाया, लेकिन वो नाकाम रहा.

इसके बाद नाबालिग ने बच्ची की पीठ पर अपने घुटनों का जोर डाला और एक चुन्नी लेकर लड़की का गला घोंट दिया. पीड़िता मर चुकी है या नहीं, ये तय करने के लिए कि उसने 2 बार उसके सिर पर पत्थर दे मारा.

फिर नाबालिग ने बच्ची की लाश को जंगल में फेंक दिया. इस दौरान विशाल झाड़ियों के पास पहरेदारी देता रहा. लाश को ठिकाने लगाने बाद दोनों घर लौट आए.

जांच में यह पता चला कि सांजीराम, हेड कॉन्सटेबल तिलक और स्पेशल पुलिस ऑफिसर दीपक खजुरिया कठुआ में बकरवालों की मौजूदगी के खिलाफ थे. बकरवाल समुदाय को इलाके से भगाने के लिए उन लोगों ने ये साजिश रची. नतीजन दिल दहला देने वाली रेप और कत्ल की वारदात को अंजाम दिया गया.