कठुआ रेप केस: 6 लोगों को मिली सजा तो विशाल जंगोत्रा को क्यों हुआ बरी?

जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच के मुताबिक 15 जनवरी, 2018 को बच्ची की डेड बॉडी को जंगल में फेंकने का काम विशाल ने ही किया था.

नई दिल्‍ली: जम्‍मू-कश्‍मीर के कठुआ में 8 साल की बच्‍ची से रेप के बाद हत्‍या के मामले में पठानकोट की विशेष अदालत ने फैसला सुना दिया है. अदालत ने 7 में से 6 आरोपियों को दोषी करार दिया है. इनके नाम हैं- दीपक, प्रवेश, सांझी राम, आनंद दत्ता, तिलकराज और सुरेंद्र.

वहीं, अदालत ने विशाल जंगोत्रा नाम के एक आरोपी को बरी कर दिया है. विशाल गंगोत्रा इसी रेप केस के आरोपी सांझी राम का बेटा है.

विशाल को क्यों किया बरी?

कठुआ मामले की जांच कर रही जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच के मुताबिक 15 जनवरी, 2018 को बच्ची की डेड बॉडी को जंगल में फेंकने का काम विशाल ने ही किया था. मगर अदालत में मामला पहुंचने पर विशाल के वकील ने दावा किया कि 15 जनवरी, 2018 को विशाल मेरठ में परीक्षा दे रहा था.

हालांकि बाद में खुलासा हुआ कि विशाल ने परीक्षा नहीं दी थी. विशाल की जगह कोई परीक्षा में बैठा और उसने विशाल के जाली दस्तखत किए.

इसके बाद विशाल के बचाव में कोर्ट में एक और सीसीटीवी फुटेज पेश की गई थी. ये फुटेज मुजफ्फरनगर के मीरापुर के एक एसबीआई एटीएम की थी. फुटेज के हिसाब से 15 जनवरी, 2018 की शाम 3 बजकर 3 मिनट से लेकर 3 बजकर 7 मिनट तक विशाल एटीएम में था.

सीसीटीवी फुटेज के जरिए विशाल का वकील कोर्ट में ये साबित करने में कामयाब रहा कि विशाल 15 जनवरी, 2018 को कठुआ में मौजूद नहीं था. इसी वजह से पठानकोट के जिला और सेशन्स कोर्ट जज डॉक्टर तेजविंदर सिंह ने विशाल जंगोत्रा को कठुआ रेप केस से बरी कर दिया.