अप्रैल से जून तक दिल्ली में 18 बार भूकंप के झटके, केजरीवाल सरकार ने शुरू की जागरूकता मुहिम

भूकंप (Earthquake) जैसी आपदा को लेकर दिल्ली वासियों को तैयार करने के लिए दिल्ली सरकार एक नया अभियान (Awareness campaign) शुरू कर रही है. बचाव के लिए दिल्ली सरकार ने गाइडलाइंस (Guidelines) भी जारी की हैं.
awareness campaign for earthquake in Delhi, अप्रैल से जून तक दिल्ली में 18 बार भूकंप के झटके, केजरीवाल सरकार ने शुरू की जागरूकता मुहिम

दिल्ली सरकार ने भूकंप से बचने के मद्देनजर दिल्लीवासियों को जागरूक करने के लिए एक अभियान की शुरुआत की है. इस अभियान के दौरान दिल्लीवासियों को भूकंप आने की दशा में बचाव और ऐहतियात बरने के संबंध में जागरूक किया जा रहा है. दिल्ली में अप्रैल से जून तक करीब 18 बार में भूकंप के झटके आ चुके हैं. हालांकि इसकी तीव्रता ज्यादा नहीं थी, इसलिए किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ.

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भूकंप जैसी आपदा को लेकर दिल्ली वासियों को तैयार करने के लिए दिल्ली सरकार एक नया अभियान शुरू कर रही है. बचाव के लिए दिल्ली सरकार ने गाइडलाइंस भी जारी की हैं. इस बारे में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बीते कुछ हफ्तों ने हमें जागरूकता, तैयारियां और अलर्ट रहते हुए समय पर कार्रवाई का जीवन में महत्व सिखाया है. अप्रैल 2020 से दिल्ली और उसके आसपास भूकंप के करीब 18 हल्के झटके आ चुके हैं. इनमें से दो बार रिक्टर पैमाने पर 4 या उससे अधिक की तीव्रता दर्ज की गई है. ऐसे में किसी भी संकट के लिए दिल्ली को हमेशा तैयार और जागरूक रहने की जरूरत है.

भूकंप के पहले क्या करना चाहिए

– अपने घर और काम करने वाली जगह की मजबूती की जांच करवाएं.
– अगर जरूरत पड़े तो स्ट्रक्चरल इंजीनियर से सलाह लें और दरार समेत अन्य खामियों को सही करवाएं.
– जांच कर लें कि आपके घर या ऑफिस के सभी फर्नीचर जमीन, दीवार और छत से मजबूती के साथ सटे हों या बंधे हों. पहियों वाले फर्निचर और कोई स्टोरेज उपकरण आदि जमीन पर जहां रखें हों, वहां अच्छे तरीके से लॉक किए गए हों.
– अपने सभी जरूरी महत्वपूर्ण दस्तावेज जैसे पासपोर्ट, राशन कार्ड, आधार कार्ड, प्रिस्क्रिप्शन, मेडिकल रिकॉड्स आदि को स्कैन करके ऑनलाइन या अपने ईमेल एड्रेस पर सुरिक्षत रख लें.
– – यह सुनिश्चित करें कि आपके घर के लोगों खासकर बच्चे और ऑफिस के कर्मिर्यों को आपदा प्रबंधन हेल्पलाइन, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली सरकार, 1077 के बारे में पता रहे. इस नंबर को अपने मोबाइल में सेव कर लें और सही जगह पर इसे लगा भी दें.
– भूकंप का बेहतर सामना करने के लिए खुद को और दूसरों को ड्रॉप कवर-होल्ड तकनीक सिखाएं.

भूकंप के बाद क्या करना चाहिए

– भूकंप के बाद के झटकों से सावधान और सचेत रहें.
– खिड़कयों, ऊंची इमारतों और दूसरे ढांचों से दूरी बनाए रखें.
– अपनी जगह छोड़ने से पहले खुद को और परिवार वालों को देख लें कि कहीं चोट तो नहीं आई है. अगर किसी को सिर या गर्दन पर चोट आई हो, तो जगह छोड़ने से पहले पूरी सावधानी बरतें. अगर कोई शंका हो, तो अपनी जगह पर बने रहें.
– अगर आप किसी बहुमंजिला इमारत में हैं, तो उतरने के लिए हमेशा सीढ़ियों का इस्तेमाल करें.
– अगर आप कहीं फंसे हैं या सुनसान जगह पर हैं, तो अपनी ऊर्जा बचाएं रखें. मोबाइल और बैटरी से चलने वाले दूसरे उपकरण का कम से कम इस्तेमाल करें.
– अगर आप फंसे हैं, तो खुद आवाज लगाने की जगह आसपास की चीजों से आवाज करने का प्रयास करें.

आपातकालीन किट तैयार रखें

-टॉर्च, पॉवर बैंक, चार्जिंग केबल, जरूरी दवाइयां, एलर्जी की बीमारी से सम्बंधित जानकारी, थोड़ा बहुत कैश, जरूरी पहचान पत्रों की फोटो कॉपी, अपने ब्लड ग्रुप की जानकारी और एलर्जी संबंधित जानकारी, फर्स्ट एड किट, पानी की बोतल वगैरह रखें.

अगर आप आपदा वाली जगह फंस गए हों, तो ऐसा करें

– यदि अंदर हैं तो, ड्रॉप-कवर-होल्ड का अभ्यास करें. किसी मजबूत मेज या बेड के नीचे चले जाएं. एक हाथ अपने सिर पर रखकर उसे सुरक्षित करें और दूसरे हाथ से फर्नीचर को थाम लें. खिड़कियों, बुककेस, बुकशेल्फ, बड़े आकार के शीशे, लटकते हुए पौधे, पंखे और दूसरी भारी चीजों से दूर रहें. भूकंप के झटके रुकने तक अपने आपको इन चीजों से बचाए रखें. जब झटके रुक जाएं, तो अपने घर या स्कूल की इमारत से बाहर निकल कर खुले मैदान की ओर जाएं. दूसरों को धक्का ना दें.
– यदि आप बाहर हैं तो, खुली जगह पर जाएं और पेड़, साइन बोर्ड, बिल्डिंग, बिजली के तार और खंभों से दूर रहें.
– ऊंची इमारत में हैं तो, बाहरी दीवार से तुरंत दूर हट जाएं और अपना सिर बचाएं. अगर आपके पास हेल्मेट हो तो उसे पहन लें. लिफ्ट का इस्तेमाल न करें और खिड़कयों से दूर रहें.
– ड्राइविंग कर रहे हैं, तो गाड़ी को सड़क के किनारे रोक कर इंजन को बंद कर दें. फ्लाई ओवर, पॉवर लाइन और विज्ञापन बोर्ड से दूर रहें. कार से बाहर निकलकर उसके साइड में नीचे लेट जाएं. किसी भी स्थित में कार के अंदर न रहें.
– किसी स्टेडियम, ऑडिटोरियम या थियेटर में हैं तो, अंदर रहें और बाहर की ओर दौड़कर भागने की कोशिश न करें. अपनी कुर्सी पर रहें और अपने हाथों से सिर को ढंक लें। भूकंप के झटके रुकने तक शांत रहें. उसके बाद सही तरीके से वहां से बाहर निकलें. बच्चों, बुजुर्ग और दिव्यांगों को पहले निकलने दें. परेशान न हों.
-झटके रूक जाने के बाद, सुनिश्चित करें लें कि कहीं चोट तो नहीं आई है. सबसे पहले खुद को देखें, फिर दूसरों की मदद करें. शांत रहें और अपना आत्म-विश्वास बनाए रखें. जो संकट में हैं, उनकी मदद करें. आग की जांच करें और जरूरत पड़ने पर फायर सर्विस 101 या पुलिस कंट्रोल रूम 100 या आपदा प्रबंधन हेल्पलाइन 1077 पर कॉल करें.

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